• Halki Bai

    बंजर खेत में उगाई फसल...

    रैयपुरा कला (महोबा)। महोबा जनपद के कबरई ब्लॉक के रैयपुरा कला गांव की पैंतीस वर्षीय हल्की बाई के पास मात्र छह बीघा असिंचित जमीन यानी की ऊसर भूमि है। इस...

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    हुनर से संवरी जिंदगियां...

    लखनऊ। मशीनीकरण के दौर में हाथ से तैयार सामान बाजार में ज्यादा कीमत पर बिक जाते हैं, छोटी जिलों और अनजाने गाँवों से आई महिलाओं ने इसे अपना रोजगार बनाया...

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    समूह बनाकर महिलाएं चला रहीं डेयरी...

    बाराबंकी (अलादापुर)। डेयरी उद्यम को मुख्यत: पुरुषों से जोड़कर देखा जाता रहा है लेकिन इस धारणा को बाराबंकी के अलादापुर की रीता सिंह बदलने में जुटी हैं।...

  • bkhari

    किसानों के अन्न बैंक ‘बखारी’ की क...

    मुझे याद है जब बचपन में धान की तैयारी होती थी तो घर के सामने महिलाएं एक गीत गाती थीं. ‘सब दुख भागल कि आइलअगहनमा, धनमा के लागल कटनिया, भर लो कोठा...

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    सब्जियों का केंद्र बना हिमाचल प्रदेश...

    लखनऊ। इन दिनों उत्तर प्रदेश के बड़े बाज़ारों में हिमाचल प्रदेश से आई सब्जि़यों की भरमार है। दरअसल देश के मैदानी क्षेत्रों के लिए बेमौसमी सब्जियों की ह...

Post of the day
Edition 21

शिक्षा बजट का ज्यादा व्यय अध्यापकों के वेतन पर...

मलीहाबाद /सीतापुर। मलीहाबाद के प्राथमिक विद्यालय रसूलाबाद में बच्चे गर्मी से बेहाल हैं, कक्षाओं के बाहर फटी चटाईयों पर बैठे हैं। न कक्षा में पंखें लगे हैं और न बैठने के लिए कुर्सियां। कक्षाओं की दीवार पर न  कोई चार्ट है और न कोई पढ़ाई में मदद करने वाले उपकरण। लखनऊ से लगभग 35 किमी…