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नेचुरोपैथी चिकित्सा से बच्चों ने सीखे निरोग रहने के गुर 

शहर के प्रेमानंद आश्रम के पास गौतमबुद्ध पब्लिक इंटर कालेज में गाँव कनेक्शन के योग एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर में बच्चों ने निरोग रहने के उपाय सीखे।

रासायनिकों के प्रयोग से भूमि हो रही बंजर

किसान फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग अधिक मात्रा में कर रहे हैं, जिससे मृदा की उपजाऊ शक्ति क्षीण होती जा रही है।

महिला सामाख्या की पहल, तीन बच्चों की विधवा मां की करवाई दूसरी शादी

धर्म और समाज की बेड़ियों में जकड़ी परंपराओं को तोड़ते हुए अछल्दा के भोला पुर्वा गाँव में एक विधवा ने अपने देवर के संग फेरे लेकर अपना हम सफर बनाया है। पति की मृत्यु के बाद उसके ससुराल के लोग उसे घर से निकाल रहे थे।

देवकली मंदिर में स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग, शिवरात्रि को देशभर से आते हैं भक्तगण

जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर वशहर से 3 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण दिशा में द्वापर युग का भोले शंकर का देवकली मंदिर है।

खेती के अलावा गोल गप्पे की ठेली लगाकर कमा रहे 500 से 600 रूपये प्रतिदिन

खेती-किसानी के काम के साथ-साथ आय बढ़ाने के लिए श्याम बाबू गोल-गप्पे बेच रहे हैं। दरअसल श्याम बाबू उच्च शिक्षा न प्राप्त कर पाने के कारण गाँव में ही खेती कर रहे हैं।

छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण देगा स्काउट व गाइड

नगर पालिका इंटर कॉलेज में गाँव कनेक्शन की चौपाल में जिला सचिव ने रोवर, रेंजर को प्रशिक्षण दिए जाने वाली ट्रेडों के बारे में बताया।

चुनाव के बाद भी 74 स्कूल रहेंगे रोशन, मतदान के दौरान लगाए गए सोलर पैनल

जिले में चुनाव के बाद भी 74 सरकारी स्कूल और एक पंचायत भवन में बिजली नहीं जायेगी, क्योंकि ये वो स्कूल हैं जहां पर मतदान के दौरान सोलर पैनल लगाए गये हैं।

चौपाल में महिलाओं ने सीखीं कानून की बारीकियां 

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सिस्टर फॉर चेंज संस्था ने शुक्रवार को गाँव कनेक्शन की ओर से गाँव पढ़ीन दरवाजा में चौपाल लगाई।

महिला सशक्तिकरण: टेंट के कारोबार ने महिलाओं को बनाया सशक्त

जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर की दूरी पर हाईवे के दक्षिण दिशा में बसे गाँव गोहना की महिलाओं के घर से निकलने पर पाबंदी थी। बुजुर्गों के दिशा-निर्देश थे कि गाँव की कोई भी महिला बाजार करने पति के साथ नहीं जा सकती, लेकिन अब यहां के हालात बदल रहे हैं।

मौसमी बीमारी से मर रहीं बकरियां, चिकित्सकों की टीम ने गाँव में पहुंचकर किया इलाज

मौसमी बीमारी का बचाव न रख पाने से बकरियां काल के गाल में समा रही हैं। पशु पालक सर्दी की बीमारी से बचाव रखें और पशु के अस्वस्थ होने पर चिकित्सक को दिखाएं।