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पारिवारिक लाभ योजना के 954 में से 589 आवेदन पत्र जांच में मिले फर्जी 

उन्नाव। पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े की चल रही जांच में 959 आवेदन पत्रों में से 589 आवेदन पत्र जांच की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके हैं। पूर्व में 28 लोगों पर दर्ज कराए गए मुकदमों की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी को इन आवेदन पत्रों की सूची भी सौंप दी गई है।

समाज कल्याण विभाग में पारिवारिक लाभ योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा बीते दिनों हुआ था। इसमें 28 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। विकास भवन में एक बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने समाज कल्याण विभाग का भी औचक निरीक्षण किया था। इसमें उन्होंने अपने सामने योजना के आवेदन पत्रों की जांच करते हुए एक आवेदन पत्र में लगे दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन कराया था। इस जांच में दस्तावेज को फर्जी पाया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने एक-एक कर कई आवेदन पत्रों की जांच कराई तो वह सभी जांच की कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए थे।

मुख्य विकास अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि कुल 959 आवेदन पत्रों की जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि कई आवेदन पत्रों के साथ संलग्न बैंक खाता संख्या की डिटेल लाभार्थी की डिटेल से अलग पाई गई। कई आवेदन के साथ नत्थी तहसील की आख्या में एक ही तहसील क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों के हस्ताक्षर अलग-अलग मिले जो सम्भव नहीं है। इसी प्रकार आय प्रमाण पत्रों का भी ऑनलाइन सत्यापन नहीं हो सका। मृत्यु प्रमाण पत्र भी संदिग्ध पाए गये क्योंकि इनमें किए गए ग्राम पंचायत सिक्रेटरी के हस्ताक्षर भी अलग-अलग मिले।