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संवाद

गाँव वाले गर्मी, बरसात और शीतलहर से निहत्थे लड़ते हैं

हर साल गर्मी और उसके साथ उससे जुड़ी हुई बीमारियां आती हैं। शहरों के लोग यदि बिजली आती रहे तो बिजली के पंखे, कूलर और एसी का सहारा लेते हैं।

सिंचाई की नाकाम योजनाओं से सबक लेना जरूरी

अभी ग्वालियर-धौलपुर-भरतपुर इलाके में घूम रहा हूं। देश में पिछले दो साल मानसून की कमी वाले साल रहे हैं और इस साल की अच्छी बारिश ने रबी फसलों की बुवाई में जोरदार बढ़ोत्तरी दिखाई है।

रिपोर्टिंग की सनसनी में विवेक और विश्वसनीयता बनी रहे

टीवी चैनल पर एक समाचार दिखाया जा रहा था कि आलू किसान बेचता है 40 पैसा प्रति किलो और वही आलू बाजार में बिकता है 10 रुपया प्रति किलो। इसका जिम्मेदार बताया जा रहा था नोटबन्दी को। यह समाचार मेरे कान में पड़ा तब ध्यान से टीवी देखा तो सतहीपन समझ में आ गया।

मोदी की अति आलोचना राजनैतिक बूमरैंग करेगी

देश के लोगों को पता चल गया है कि मोदी पर भ्रष्टाचार का इल्जाम लगाते हुए सहारा और बिड़ला का नाम लेकर जो लोग सुप्रीम कोर्ट गए थे उन्हें मुंह की खानी पड़ी है।

‘आबादी विस्फोट में हिन्दू और मुसलमान न गिनें महाराज’

भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज ने मुसलमानों की बढ़ती गति पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जिस पर चुनाव आयोग ने उन्हें फटकार लगाई है।

संस्मरण: स्वामी विवेकानंद और मैं

आज स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन है, जिसे युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। गाँव कनेक्शन के प्रधान सम्पादक डॉ. एसबी मिश्र 1993 में स्वामी विवेकानंद के भारत भ्रमण की 100वीं वर्षगांठ से जुड़े संस्मरण बता रहे हैं।

संवाद: देश में नोटबंदी का असर देखना है तो आम लोगों के बीच जाना होगा

नोटबंदी को ममता , राहुल, केजरीवाल की नजरों से देखेंगे तो लगेगा देश में प्रलय आ गई है। लेकिन मोदी और जेटली की नज़रों से देखेंगे तो लगेगा अब अच्छे दिन दूर नहीं। यदि आप नेताओं के भाषण और इंटरनेट की जानकारी से दूर गाँव जाएं और किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी से प्रत्यक्ष बात करें तो वह आप बीती बताएगा और वही यथार्थ होगा।