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परीक्षा के दौरान छुट्टी में भेदभाव से परीक्षार्थियों का मन उदास

लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में चल रही कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को सोमवार को शीतलाष्टमी की छुट्टी मिली और इससे पहले रविवार की। तो दूसरीओर कक्षा 10 व 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों को इस दिन परीक्षा देने जाना पड़ा। परीक्षा देने गये कई परीक्षार्थियों का मन आज छुट्टी न मिलने से उदास रहा।

परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाओं को पहले 18 मार्च से 21 मार्च तक सम्पन्न करवाया जाना था। जिसके बीच में रविवार की छुट्टी भी पड़ रही थी। मात्र तीन दिनों में परीक्षा संचालित करवाये जाने को औपचारिता दिखाते हुए जब मीडिया द्वारा इस सम्बन्ध में मुद्दा उठाया गया तो परीक्षा की के दिनों को बढ़ाते हुए 18 मार्च से शुरू हुई परीक्षाओं का समापन 24 मार्च को करने की घोषणा कर दी गयी थी। इस बीच परीक्षार्थियों को रविवार व सोमवार को शीतलाष्टमी की छुट्टी भी मिल गयी। तो वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षार्थियों की छुट्टी शीतलाष्टमी के दिन न होने के कारण परीक्षार्थियों को 10वीं व 12वीं की परीक्षा देने जाना पड़ा जिससे कई परीक्षार्थियों का मन उदास रहा।

मॉल ब्लॉक स्थित परीक्षा केन्द्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खंडपरा में कक्षा 10 की परीक्षा देने पहुंची आरती देवी (15 वर्ष) कहती हैं, “ परीक्षा से पहले कितना भी पढ़ाई कर लो पर पर परीक्षा के समय छुट्टी मिलती है तो तैयारी अच्छी हो जाती है। मेरे पड़ोस में जो बच्ची कक्षा 8 की परीक्षा दे रही है उसकी आज छुट्टी है लेकिन मेरी नहीं इसलिए मन उदास है।”

सोमवार को सुबह की पाली में 7.30 बजे से हाईस्कूल की गणित, प्रारम्भिक गणित व बालिकाओं की गृह विज्ञान की परीक्षा संचालित हुई। वहीं इंटरमीडिएट की सुबह की पाली में 7.30 बजे से संगीत-गायन, संगीत वादन व नृत्यकला की एवं दोपहर की पाली में दोपहर 2 बजे से मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र व तर्कशास्त्र की परीक्षा संचालित हुई।

जिला विद्यालय निरीक्षक, उमेश कुमार त्रिपाठी कहते हैं, “पहले ही यूपी. बोर्ड की परीक्षाएं चुनाव के चलते लगभग एक महीने देरी से शुरू हुई हैं। इनमें और देरी न हो इसलिए आज परीक्षा संचालित हुई हैं। रविवार की छुट्टी बच्चों को मिल ही रही है। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत भी होनी है इसलिए इस तरह की छुट्टी पर बोर्ड द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है, जो बच्चों के हित में है। सबसे बड़ी बात यह भी कि शीतलाष्टमी की छुट्टी लोकल है। अगर परीक्षाएं न होती तो छुट्टी घोषित की जा सकती थी।”

इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहीं क्वीन्स इंटर कॉलेज की छात्रा पूजा यादव 17 वर्ष कहती हैं, “परीक्षा के समय जितनी छुट्टी मिलें अच्छा लगता है क्योंकि अगली परीक्षा की तैयारी अच्छे से हो जाती है। आज की छुट्टी पिछले वर्ष तो मिली थी लेकिन जब परीक्षा के समय चाहिये तब नहीं मिल सकी।”