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#स्वयंफेस्टिवल: सिद्धार्थनगर के किसानों को मिली नकदी फसलों की जानकारी

स्वयं डेस्क/दीनानाथ ( 34 वर्ष)

सिद्धार्थनगर। गेहूं और धान की पारंपरिक फसल चक्र के स्थान पर किसानों को जब नकदी फसलों की जानकारी मिली तो किसानों के चेहरों पर शिकन थोड़ी कम हुई। किसानों ने कई सवाल भी पूछे, जिनका जवाब दिये भारतीय ग्रामीण विकास संस्थान के प्रमुख उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने। यह मौका था सिद्धार्थनगर के लोटन ब्लॉक स्थित सैनुआ गाँव में, जहां गाँव कनेकशन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर मनाए जा रहे स्वयं फेस्टिवल के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। बता दें कि 2 से 8 दिसंबर तक 25 जिलों में मनाए जा रहे स्वयं फेस्टिवल के तहत 1000 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान

किसान गोष्ठी के दौरान सैनुआ गाँव के कई पुरुष और महिला किसानों ने हिस्सा लिया और उन्होंने नकदी फसलों के बारे में जानकारी हासिल की। इस मौके पर संस्था के प्रमुख उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों को गेहूं और धान की पारंपरिक फसल के स्थान पर नकदी फसलों को भी तवज्जो देनी चाहिए। इन फसलों के जरिये वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने नकदी फसलें प्याज, आलू, तंबाकू, कपास, मिर्च के बारे में भी किसानों को विस्तार से जानकारी दी।

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