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#स्वयंफेस्टिवल: सिद्धार्थनगर की लड़कियों ने सीखा, कैसे करें आत्मरक्षा

स्वयं डेस्क/ दीनानाथ (34 वर्ष)

सिद्धार्थनगर। हम रोज लड़कियों से छेड़खानी और अपराधों के बारे में अखबारों में पढ़ते और सुनते आते हैं। कई बार ऐसे मामले भी देखे जाते हैं कि इस डर से लड़कियों को अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ती है। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि लड़कियां पीछे आने के बजाए आत्मरक्षा के गुर जरूर सीखें। यह कहना था ताइक्वांडो ट्रेनर वीएस साहनी का।

सिद्धार्थनगर के नौगढ़ ब्लॉक स्थित पिपरापांडेय गाँव के पीएनएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियां न सिर्फ ध्यान से वीएस साहनी की बातें सुन रही थीं, बल्कि उनसे आत्मरक्षा की तकनीकों के बारे में भी आगे बढ़कर सीख रही थीं। यह मौका था गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर 25 जिलों में 2 से 8 दिसंबर तक मनाए जा रहे स्वयं फेस्टिवल का, जहां सेल्फ डिफेंस के एक कार्यक्रम में लड़कियों ने आत्मरक्षा की बारीकियां सीखीं।

हर दांव-पेंच सिखाया

कार्यक्रम में ट्रेनर वीएस साहनी ने बच्चों को ताइक्वांडो की कई बारीकियां सिखाईं। उन्होंने लड़कियों से छेड़खानी करने वाले मनचलों को सबक सिखाने के लिए बच्चों को ताइक्वांडो का हर दांव-पेंच करके सिखाया। उन्होंने बच्चों को बताया कि आत्मरक्षा आज के समय की जरूरत है और हर लड़की को मार्शल आर्ट सीखना चाहिए। ताकि समय पड़ने पर आप अपनी और अपने साथी की रक्षा कर सकें।

जब बोले बच्चे

आत्मरक्षा के गुर सीखने के बाद अनिता और सुगंधा ने बताया कि "साहनी सर ने हमें ताइक्वांडो की बहुत अच्छी ट्रेनिंग दी है। हमें बहुत अच्छा लगा। अब हम भी अपने गाँव में ताइक्वांडो सीखेंगे।" वहीं, ममता का कहना था कि "सर की ताइक्वांडो सीखकर हमें बहुत अच्छा लगा। हमारे गाँव में हमने पहली बार ताइक्वांडो सीखा है। अब हम ताइक्वांडो की रोज प्रैक्टिस करेंगे।"

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