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तीन शौचालयों के सहारे 300 की आबादी

बहराइच। केन्द्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना को जनपद में पंचायतीराज विभाग और ग्राम प्रधान मिलकर चूना लगा रहे हैं। किसी गाँव में हर घर में शौचालय है तो वहीं कुछ गाँव ऐसे भी हैं जहां सिर्फ दो से तीन शौचालय ही बने हैं। 

एक तरफ बड़े-बड़े अधिकारी जिलेभर में हर घर में शौचालय होने का ढिंढोरा पीट रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जनपद मुख्यालय से 18 किमी. पश्चिम रिसिया ब्लॉक के नेवाती पुरवा गाँव में 300-400 की आबादी पर सिर्फ तीन शौचालय हैं। बाकी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। 

कोई भी सरकारी अधिकारी या ग्राम प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी गाँव के सलीम (35 वर्ष) ने बताया जो दो-चार शौचालय 2010 में बने भी थे तो ऐसे की जिनके गड्ढों की गहराई सिर्फ दो फुट ही थी। जो अब गंदगी से पटे पड़े हैं। तो ऐसी सरकारी सुविधाओं से क्या लाभ जो अपने काम न आ सके। इस गाँव की ओर किसी नेता या फिर किसी अधिकारी का ध्यान जाता ही नहीं। सिर्फ चुनाव के समय ही सबको गाँव याद आता है।” इसी गाँव के बब्बू खा (45 वर्ष) ने बताया, “जब यासर शाह विधायक बने थे तो उन्होंने इस गाँव को सौगात में रोड और लाइट दी थी, लेकिन इस समय ग्राम पंचायत का मौजूदा प्रधान ध्यान नहीं देते हैं। जब भी शौचालय के लिए लोग कहते हैं तो ये कह के टाल दिया जाता है कि अभी शौचालय आये नहीं हैं जब आयेंगे तब मिलेंगे। 

रिपोर्टर - प्रशान्त श्रीवास्तव