कम समय में टीईटी परीक्षा की ऐसे करें तैयारी

यह सही समय है जब आपको अपने पेपर में सफल होने के लिए सफल रणनीति बना लेनी चाहिए।

कम समय में टीईटी परीक्षा की ऐसे करें तैयारी19 दिसंबर को होने वाली है यूपी टीईटी की परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) जल्द ही होने वाली है। ऐसे समय में सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक को दोहराने की सलाह जाती है, यह सही समय है जब आपको अपने पेपर में सफल होने के लिए सफल रणनीति बना लेनी चाहिए। कम समय में तैयारी करने का तरीका बता रहे हैं सक्सेस मंत्रा कोचिंग संस्थान के प्रोफेसर अमित शुक्ला...

परीक्षा प्रश्नों का स्तर

परीक्षा 150 अंकों की होगी, जिन्हें 150 मिनट में करना होगा। यानी एक सवाल पर एक मिनट मिलेगा। सभी प्रश्न चार विकल्प वाले यानी बहुविकल्पीय होंगे। टीईटी परीक्षा प्राथमिक एवं जूनियर स्तर के लिए अलग-अलग हो रही है। दोनों परीक्षाओं में पांच खंड होंगे। जूनियर स्तर की परीक्षा में यह बदलाव किया गया है कि गणित व विज्ञान शिक्षक के लिए संबंधित विषय की परीक्षा देनी होगी, बाकी अभ्यर्थियों को सिर्फ सामाजिक अध्ययन के 60 सवालों का जवाब देना होगा। अमूमन अभ्यर्थी शिक्षण विधि, भाषा के सवाल आसानी से कर लेते हैं, लेकिन गणित व पर्यावरण अध्ययन के सवाल जरूर परेशान करते हैं। इन्हीं दोनों विषयों के सवाल ही टीईटी की मेरिट भी तय करेंगे।

खास बात यह है कि प्राथमिक एवं जूनियर स्तर की परीक्षा में सभी सवाल इंटर स्तर के होंगे, लेकिन उसमें भी अंतर उम्र का रखा गया है। निर्देशिका में कहा गया है कि प्राथमिक की परीक्षा में 6 से 11 वर्ष एवं जूनियर की परीक्षा में 11 से 14 वर्ष तक के बच्चों को ध्यान में रखकर समस्या समाधान एवं शिक्षण विधियों के प्रश्न होंगे।

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प्रा. एवं जूनि. स्तर परीक्षा में प्रश्न इंटर स्तर के होंगे, एनसीईआरटी की कक्षा एक से आठ तक की पुस्तकों से भी होंगे प्रश्न। अगर आपने अभी तक एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी नहीं की है, तो अब आप केवल अभ्यास प्रश्न हल कर सकते है, इनसे भी आपको लाभ मिलेगा।

एक सप्ताह पहले क्या पढ़ें

परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ लें, आप परीक्षा पैटर्न और सिलेबस के अनुसार ही परीक्षा की तैयारी करें। परीक्षा में सफलता पाने की कुंजी यही है आप परीक्षा के स्वरूप को समझें। साथ ही आपको ये समझना होगा कि भर्ती विभाग उस पद के लिए किन मानकों को देखना चाहते हैं।

प्रश्नों को हल करने में लगने वाला समय रिकॉर्ड करें

जब भी आप प्रश्नों को हल करें तो उन्हें हल करने में जो समय लग रहा उसे रिकॉर्ड करें। इससे आपको ज्ञात हो जाएगा कि आपको कौन सा भाग परीक्षा में पहले करना हैं और साथ ही आप सवालों को हल करने की गति भी बढ़ा सकते है।

अपनी क्षमता को जानें

दिन में अलग- अलग समय पर हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक ऊर्ज़ा का स्तर अलग हो सकता है। उदाहरण के तौर पर कुछ लोग सुबह के समय ज्यादा ताजा और ऊर्जावान महसूस करते हैं तो कुछ लोग शाम को या फिर रात के समय। कुछ लोगों को सुबह उठ कर पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहता है तो कुछ को देर रात को पढ़ा हुआ, तो जिस समय आप अपने को ज्यादा ताज़ा और ऊर्ज़ावान महसूस करते हैं, वह समय आप अपनी पढ़ाई के लिए रखें।

तनाव मुक्त रहें

परीक्षा की तैयारी करते समय हमेशा तनाव मुक्त रहे, ताकि आप अपनी मंजिल बिना परेशान हुए पा सके।

मॉक टेस्ट के द्वारा अभ्यास करें

परीक्षा से पहले प्रतिदिन मॉक टेस्ट ज़रूर ले। परीक्षा से पहले अगर आप प्रतिदिन मॉक टेस्ट लेते हैं तो आपको परीक्षा देते समय आनी वाली परेशानियां पता चल जाएगी जिनमें आप प्रयास करके सुधार कर सकते। मॉक टेस्ट उसी प्रकार से तैयार किए जाते हैं जिस तरह से पेपर आता है जब आप मॉक टेस्ट के द्वारा परीक्षा की तैयारी करते हैं तो आपको ये ज्ञात हो जाता है कि आपको किस भाग में परेशानी आ रही है जिसे आपको दूर करना है।

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परीक्षा में पूछे जाने वाले विषय

बाल विकास तथा अभिज्ञान

यह विषय दोनों पेपर ( पेपर 1 और पेपर 2 ) के लिए समान है। इस समय आपको महत्वपूर्ण विषयों को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए। इस विषय के महत्वपूर्ण विषय है – अभिवृद्धि एवं विकास की अवस्थाएं, वैयक्तिक विभिन्नताएं, मानसिक स्वास्थ्य और अभिरूचि, पियाजे, कोहलवर्ग तथा व्योट्स्की के सिद्धांत, लिंग, समावेशी शिक्षा आदि टॉपिक अच्छी तरह से तैयार करें। इसके अलावा शिक्षा से संबंधित अनुच्छेद, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा उद्देश्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा आदि से संबंधित अध्ययन अवश्य करें।

हिंदी

हिंदी में क्रमशः एक गद्यांश तथा पद्यांश, हिंदी भाषा-शिक्षण से संबंधित प्रश्न, भाषा विकास से संबंधित प्रश्न तथा व्याकरण के लगभग सभी भागों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके लिए एनसीईआरटी की कक्षा 1 से 10 तक की हिंदी की पुस्तकों की सहायता लें। व साथ साथ पुराने आप पुराने प्रश्न पत्र अवश्य हल करें।

अंग्रेजी

इसमें क्रमश: दो अपठित गद्यांश से प्रश्न आते हैं। अंग्रेजी में वॉकेबलरी को मजबूत बनाएं। वॉकेबलरी को मजबूत बनाने के लिए हमारे ब्लॉग पर रोज़ इंग्लिश के 10 नए शब्द याद करे। इसके अलावा पार्ट ऑफ स्पीच, टेंस, इडियम्स, एंटोनिम्स, सिनोनिम्स, फीगर ऑफ स्पीच आदि टॉपिक अच्छी तरह से तैयार कर लें। तैयारी के लिए कक्षा 1 से 10 तक की अंग्रेजी की एनसीईआरटी की पुस्तकें बहुत लाभदायक होंगी। इस विषय में सफलता के लिए इन प्रश्नों का अभ्यास करें|

सामाजिक अध्ययन

इस भाग में इतिहास से सबसे अधिक प्रश्न आते हैं। इसके बाद भूगोल और राजनीति शास्त्र से सवाल पूछे जाते हैं। इसके लिए आपको कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की सामाजिक अध्ययन की पुस्तकों का अध्ययन बार-बार करना होगा। इसके अलावा सामाजिक अध्यन पर प्रश्न हल करे। निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है। इस विषय में सफलता के लिए इन प्रश्नों का अभ्यास करें।

विज्ञान तथा गणित

इस भाग की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की कक्षा 6 से 8 तक की विज्ञान की पुस्तकें गहराई से पढ़ें और अपनी भाषा में उनके नोट्स बना लें। गणित के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है। इसके लिए आप रोज सेक्शन टेस्ट हल करें।


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