'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के लिए महिलाएं करेंगी संवाद यात्रा

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए महिलाएं करेंगी संवाद यात्रा

लखनऊ। सोना देवी ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' मुहिम को सफल बनाने का जिम्मा खुद अपने सिर पर उठा लिया, जिसके लिए उनको महिला कल्याण एवं बाल विकास उत्तर प्रदेश और महिला समाख्या द्वारा सम्मानित किया गया। 

सोना देवी जैसी 20 महिलाओं को गाँव में लोगों को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के लिए जागरुक करने के लिए सम्मानित किया गया। महिला कल्याण एवं बाल विकास उत्तर प्रदेश और महिला समाख्या द्वारा 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' 15 दिवसीय राष्ट्रीय बालिका दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा था जिसका समापन आज डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में किया गया। 

उत्तर प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास के महिला सशक्तीकरण मिशन के अंतर्गत भारत सरकार की योजना 'बेेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संचालन महिला समाख्या द्वारा किया जा रहा है। पखवाडे के दारौन 17 जिलों में जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया है जिसमें लोगों को बेटी को पढ़ाने और उनको बचाने के लिए कार्यक्रम किए गए। 

राज्य परियोजना निदेशक महिला समाख्या डॉ स्मृति सिंह ने गाँव कनेक्शन को बताया ''अभी हमारा यह कार्यक्रम 17 जिलों में चल रहा है। नुक्कड़ नाटक, कटपुतली, चौपाल और समिति गठित करके ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जागरुक करते है। जल्द ही हम संवाद यात्रा करने जा रहे जिसमें महिलाएं साईकिल यात्रा करके लोगों को जागरुक करेंगी। इन सभी कार्यक्रमों से लोगों में काफी असर दिखा है।"

लोगों को जागरुक करने के लिए होने वाले कार्यक्रमों के बारे में स्मृति बताती हैं, ''गाँव में जो भी महिलाएं गर्भवती होती है उनकी गोद भराई करते है और अस्पताल में जो महिलाएं बेटी को जन्म देती है उनको भी सम्मानित किया जाता है।"

कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से 100 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया। श्रावस्ती जिले की थारु लड़कियों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही महिलाओं द्वारा 'पढ़ेगे तो बढ़ेगे' नुकक्ड़ नाटक प्रस्तुत किया गया जिसमें लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया गया।

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