'दशरथ' बोले पहली बार सीता के नज़रिए से दिखेगी रामायण

दशरथ बोले पहली बार सीता के नज़रिए से दिखेगी रामायणगाँव कनेक्शन

लखनऊ “स्त्रियों को समाज में सम्मान और उनके नज़रिए को समझने की दृष्टी से ‘सिया के राम’ सीरियल को लोगो के सामने लाया गया है”, यह कहना है सीरियल में दशरथ का किरदार निभा रहे दलीप ताहिल का जो अपने सीरियल के प्रमोशन के लिए लखनऊ आये थे 

अपने किरदार के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि “ये किरदार मेरे लिए बहुत अहम है, इसे मैं अपने करियर का लैंडमार्क मानता हूँ उन्होंने बताया पहले भी मुझे कई सीरियल का प्रस्ताव मिला था लेकिन स्क्रिप्ट पसंद न आने की वजह से नहीं किया जब मुझे इस सीरियल में दशरथ का किरदार करने का प्रस्ताव मिला तो मैने तुरंत हां कर दी इस सीरियल की खास बात यह है कि इसमें पूरी रामायण की कहानी सीता के नज़रिए से दिखाई गयी है इस सीरियल के जरिये दर्शक ऐसे अनकहे पहलुओं से भी वाकिफ़ होंगे जिससे वे अभी तक अपरिचित थे इसमें आधुनिक तकनीकी और किरदारों को नए रूप (फैशन) में पेश किया गया है उन्होंने बताया सीरियल को करने में उन्हें कई दिक्कतें भी आई लेकिन उसके बाद भी बॉलीवुड़ में मेरी जो एक खास इमेज बनी है यह रोल उन सबसे अलग है। हालांकि मुझे सबसे ज्यादा मेहनत इस सीरियल में प्रयोग होने वाली भाषा में आई लेकिन सीरियल के प्रोडूसर निखिल सिन्हा ने इसमें काफी सहायता की 

फिल्मों से काफी अलग है टेलीविज़न

रियलिटी शो में काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये शो दिखावटी होते हैं इससे पहले भी मुझे कई सारे सीरियल के भी ऑफर आए लेकिन मुझे ये ट्रेंड प्रभावित नहीं करता है हां, मुझे म्यूजिकल रियलिटी शो का शौक है अभी तो फ़राज़ हैदर की ‘टिकेट टू बॉलीवुड’ और सुधीर मिश्रा की ‘और देवदास’ पर काम चल रहा है 

निगेटिव रोल डालते है आपके करियर पर इफ्फेक्ट 

नकारात्मक रोल आपके जीवन पर या आपके करियर पर काफी असर डालते है कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ है कई फिल्मों में नकरात्मक रोल करते-करते अचानक एक सकारात्मक भूमिका करना काफी कठिन था क्यूंकि दर्शकों के लिए आप उसी रोल में ढल जाते हैं आपने अपने मुख्य किरदार को निभाया हो लेकिन यह सीरियल मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो मुझे अपने पुराने नकारात्मक रोल को बदलकर दर्शकों के लिए नया नजरिया पेश करेगी

अवध की नगरी से है खास जुड़ाव

लखनऊ के बारे में उन्होंने कहा कि यहाँ से उनका पुराना रिश्ता रहा है विभाजन के बाद माँ के साथ यही रहे है और क्राइस्ट चर्च स्कूल में पढाई भी की है लखनऊ में पहले से बहुत चेंज आया है हज़रतगंज में शुक्ला की चाट का स्वाद आज भी याद है यहाँ से आज भी मुझे लगाव है

रिपोर्टिंग - सुप्रिया श्रीवास्तव 

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