‘इस बार देश भर में ज्यादा होगा सरसों उत्पादन’

‘इस बार देश भर में ज्यादा होगा सरसों उत्पादन’गाँवकनेक्शन

लखनऊ। तिलहन व्यापार की देश की प्रतिष्ठित संस्था ने आने वाली सरसों की फसल में उत्पादन लगभग हर जगर बढ़ने का अनुमान जारी किया है। इन अनुमानों के बाद बेमौसम बारिश के बाद से लगातार तेज चल रहे सरसों के भावों में उथल-पुथल देखी जा सकती है।

'सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड' यानि 'कुईट' ने साल 2015-16 के लिए देश के सभी सरसों उत्पादक राज्यों में वर्तमान सरसों फसल के उत्पादन की रिपोर्ट जारी की है।

कुईट की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015-16 के दौरान देश में सरसों का उत्पादन करीब 58 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है जबकि साल 2014-15 के दौरान देश में सिर्फ 47.80 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था।

उत्तर प्रदेश में उत्पादन ज्य़ादा

कुईट के मुताबिक इस साल उत्तर प्रदेश में सरसों का ज्यादा उत्पादन होने का अनुमान है, राज्य में इस साल 8.40 लाख टन सरसों पैदा होने का अनुमान लगाया गया है। पिछले साल राज्य में सिर्फ 6.75 लाख टन सरसों का उत्पादन  हुआ था। 

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उत्पादन

कुईट के मुताबिक साल 2015-16 के दौरान मध्य प्रदेश में तो ज्यादा पैदावार हो सकती है लेकिन छत्तीसगढ़ में सरसों का उत्पादन घटने की आशंका है। कुईट के मुताबिक पिछले साल मध्य प्रदेश में उत्पादन 3.55 लाख टन और छत्तीसगढ़ में 90,000 टन सरसों पैदा हुई थी और इस साल मध्य प्रदेश में 3.80 लाख टन और छत्तीसगढ़ में 75,000 टन उत्पादन होने का अनुमान है।

अनुमान का बाज़ार पर दिखने लगा असर 

कुईट के द्वारा इस साल देश में सरसों का उत्पादन करीब 58 लाख टन तक रहने का अनुमान जारी करने के बाद ही वायदा बाजार में अचानक सरसों के दामों में तेजी देखी गई। हालांकि जानकारों के मुताबिक यह तेजी अस्थाई है। 

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