क्षेत्र के हिसाब से करें धान के बीज का चुनाव

क्षेत्र के हिसाब से करें धान के बीज का चुनावgaonconnection

लखनऊ। जून में मानसून आने के पहले किसान धान की तैयारी शुरू कर देते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में सही बीज का चुनाव नहीं कर पाते हैं, जिससे लागत तो ज्यादा लगती ही है लेकिन उत्पादन अच्छा नहीं हो पाता है।

गोरखपुर कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक संजीत कुमार कहते हैं, “अपने क्षेत्र के हिसाब से ही धान की किस्मों का चुनाव करना चाहिए। प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में मिट्टी, वातावरण सभी एक तरह का नहीं होता है, इसलिए कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा उसी हिसाब से बीज का संसोधन किया जाता है।” 

वो आगे बताते हैं, “कई बार होता है कि किसान बीज खरीद लेता है लेकिन उसमें सही उपज नहीं मिल पाती है, ऐसे में किसानों को ध्यान देना चाहिए।” कृषि विभाग प्रदेश में क्षेत्र के हिसाब से किसानों को बीज उपलब्ध कराता है, जिससे वहां के क्षेत्र के हिसाब से अच्छी पैदावार होती है।

तराई क्षेत्र

इन क्षेत्रों में सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, खीरी, बहराइच और श्रावस्ती जिले आते हैं।

असिंचित दशा:- नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, साकेत-4, बरानी दीप, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमनी

सिंचित दशा:- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में पूसा-169, नरेन्द्र-80, पंत धान-12, मालवीय धान-3022, नरेन्द्र धान-2065 और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, पूसा-44, पीएनआर-381 प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: नरेन्द्र ऊसर धान-3, नरेन्द्र धान-5050, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

पश्चिम मैदानी क्षेत्र

गंगा-यमुना दोआब के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर

असिंचित दशा:- नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, साकेत-4, बरानी दीप, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमनी

सिंचित दशा:- मनहर, पूसा-169, नरेन्द्र-80, पंत धान-12, मालवीय धान-3022 और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, पूसा-44, पीएनआर-381 प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: साकेत-4, ऊसर धान-1,2, व 3, सीएसआर-10, 13, 27, व 30, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

मध्य पश्चिम क्षेत्र

इनमें प्रदेश के मैदानी क्षेत्र जैसे बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले आते हैं।

असिंचित दशा:- नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, साकेत-4, बरानी दीप, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमती।

सिंचित दशा:- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में मनहर, पूसा-169, नरेन्द्र-80, मालवीय धान-3022, बरानी दीप और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: साकेत-4, ऊसर धान-1,2, व 3, सीएसआर-10, 13, व 30, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

दक्षिणी पश्चिमी अर्द्धशुष्क क्षेत्र

इनमें आगरा और अलीगढ़ मण्डल के सभी जिले आते हैं।

असिंचित दशा:- साकेत-4, नरेन्द्र-97, बरानी दीप, शुष्क सम्राट, नरेन्द्र लालमती।

सिंचित दशा:- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में साकेत-4, पन्त धान-12, नरेन्द्र-80, मालवीय धान-3022, शुष्क सम्राट और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: साकेत-4, ऊसर धान-1,2, व 3, सीएसआर-10, 13, 3035, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

मध्य मैदानी क्षेत्र

लखनऊ, कानपुर के सभी मंडलों के सभी जिलों और इलाहाबाद मंडल के प्रतापगढ़ को छोड़कर सभी जिले।

असिंचित दशा:- नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, नरेन्द्र लालमती, शुष्क सम्राट और बरानी दीप।

सिंचित दशा:- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में धान-4, पन्त धान-12, मालवीय-35, नरेन्द्र लालमती व शुष्क सम्राट और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: ऊसर सीएसआर-10, 30, सीएसआर- 13, , नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

बुंदेलखंड क्षेत्र

झांसी और चित्रकूट मण्डलों के सभी जिले।

असिंचित दशा:- साकेत-4, शुष्क सम्राट

सिंचित दशा:- सिंचित दशा में- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में नरेन्द्र-80, नरेन्द्र-97, साकेत-4 व शुष्क सम्राट और मध्यम पकने वाली किस्मों में नरेन्द्र-359, सरजू-52, नरेन्द्र धान-2024, नरेन्द्र धान-3112-1 व नरेन्द्र धान-2065।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: ऊसर धान-1, सीएसआर-13, सीएसआर-10, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009।

उत्तरी पूर्वी मैदानी क्षेत्र

इनमें गोण्डा, बहराइच, कुशीनगर, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, सन्त कबीर नगर।

असिंचित दशा:- नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, नरेन्द्र लालमती, शुष्क सम्राट और बरानी दीप।

सिंचित दशा:- सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में आईआर-36, नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, नरेन्द्र-80, पन्त धान-12 और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: ऊसर धान-1, सीएसआर-13, सीएसआर-10, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009

पूर्व मैदानी क्षेत्र

बाराबंकी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, जोनपुर, आजमगढ़, वाराणसी, चदोली, मऊ, बलिया, अम्बेडकर नगर, संत रविदास नगर और गाजीपुर।

असिंचित दशा:- साकेत-4 नरेन्द्र-97, नरेन्द्र-118, शुष्क सम्राट और बरानी दीप, लालमती।

सिंचित दशा:-  सिंचित क्षेत्रों के लिए जल्दी पकने वाली किस्मों में आईआर-36, नरेन्द्र-118, नरेन्द्र-97, नरेन्द्र-80, पन्त धान-12, शुष्क सम्राट और मध्यम पकने वाली किस्मों में पंत धान-10, पंत धान-4, सरजू-52, नरेन्द्र-359, नरेन्द्र-2064, नरेन्द्र धान-2064, प्रमुख किस्में हैं।

ऊसरीली भूमि के लिए धान की किस्में: ऊसर धान-1, सीएसआर-13, सीएसआर-10, नरेन्द्र ऊसर धान-2008, नरेन्द्र ऊसर धान-2009

First Published: 2016-09-16 16:21:56.0

Tags:    India 
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