'मेरे स्कूल में शौचालय तो है, फिर भी खेत में जाना पड़ता है'

मेरे स्कूल में शौचालय तो है, फिर भी खेत में जाना पड़ता हैगाँव कनेक्शन

सतलीगा (ललितपुर)। संजू (10 वर्ष) को जब भी स्कूल में शौचालय जाना होता है तो वह खेतों में जाता है, क्योकि स्कूल के शौचालय में गेट नहीं है, बाउन्ड्री टूटी हुई है और हैण्डपम्प के चारोतरफ पानी भरा रहता है। यह हाल है ललितपुर ज़िले के सतलीगा के प्राथमिक विद्यालय का।

''मेरे स्कूल में चार शौचालय तो हैं, लेकिन गेट नहीं इसलिए हमें खेत में जाना पड़ता है। विद्यालय के हैण्डपम्प के चारो तरफ पानी बहने के कारण कीचड़ है। एक बार इस कीचड़ में मैं गिर गया था।" ललितपुर जिला मुख्यालय से लगभग 34 किमी दूर पूर्व मे महरौनी ब्लॉक अंतर्गत सतलीगा के प्राथमिक विद्यालय में पढऩे वाले संजू अपनी दिक्कते ऐसे बताते हैं।

केन्द्र सरकार द्वारा दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद देश के हर स्कूल में निर्माण कराया जाना था। स्वच्छ भारत के अंतर्गत विद्यालय मे साफ -सफाई का पूरा ध्यान दिया जाता है, लेकिन यहां की कोई सुध लेने वाला नहीं है। गाँव कनेक्शन संवाददाता विद्यालय  पहुंचे और पता चला कि सतलीगा विद्यालय में दो सहायक अध्यापक नियुक्त हैं। विद्यालय में छात्रों की संख्या 33 है, जिसमें सिर्फ दो संजू कक्षा तीन और शिवम कक्षा दो ही विद्यालय आए हैं। विद्यालय में कई महीनों से मिड-डे-मील भी नहीं बना है। विद्यालय परिसर में बिजली विभाग के सामान से लदा ट्रैक्टर भी खड़ा रहता है।

सतलीगा के प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक सुनील चतुर्वेदी बताते है, ''इस विद्यालय में मेरी नियुक्ति दो माह पहले ही हुई है। मैंने अभी तक सफाईकर्मी का चेहरा तक नहीं देखा है। सफाईकर्मी से एक दो बार फोन पर बात की तो वह कहता है कि मै ब्लॉक पर बीडीओ साहब का काम करता हूं। ऐसे में विद्यालय की सफाई के लिए नहीं आ सकता।" वो आगे बताते हैं, ''हमसे पूर्व एक अध्यापक इस विद्यालय में थे उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी महरौनी को इस संबंध में लिखित प्रार्थना पत्र से अवगत कराया था, लेकिन हमारे दो माह के कार्यकाल में कोई देखने नहीं आया और न ही विद्यालय परिसर की अव्यवस्थाओं को दूर किया गया है।"

उन्हीं के पास बैठे धीरज मोदी सहायक अध्यापक बताते है, ''हम लोग हताश हो चुके हैं, एक वर्ष होने को जा रहा है, एक भी माह का वेतन नहीं मिला।" वो आगे बताते हैं, ''आला अधिकारियों का कहना है कि आप लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ जिस कारण वेतन नहीं बन पा रहा है।" इस संबंध में गॉव कनेक्शन संवाददाता ने जिला शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ललितपुर से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

रिपोर्टिंग - सुखवेन्द्र सिंह परिहार/शाहिद खान

Tags:    India 
Share it
Top