'निकाह में आएं पर खुले में शौच न जाएं'!

निकाह में आएं पर खुले में शौच न जाएं!gaoconnection

लखनऊ/कन्नौज। अपने निकाह का कार्ड लेकर जब नौसाद रिश्तेदारों के यहां पहुंच रहे हैं तो कार्ड पढ़कर रिश्तेदार एक पल के लिए सकते में आ जाते हैं। इसका कारण है कार्ड पर छपा एक संदेश। 

नौसाद ने निकाह के कार्ड पर लिखवाया है, ‘हमारा गाँव खुले में शौच से मुक्त है, कृपया खुले में शौच न जाएं’। दरअसल नौसाद के गाँव में खुले में शौच जाने पर पाबंदी है। अगर उसके रिश्तेदार खुले में शौच जाते हैं, तो जुर्माना होगा ही, बदनामी होगी सो अलग। इसलिए निकाह के कार्ड पर ही चेतावनी लिखवा दी।

“हमने 25 मई को निकाह में आने वाले रिश्तेदारों से कह दिया है, अगर शौच बाहर जाना है तो कृपया निकाह में न आएं।” कन्नौज जिले की छिबरामऊ तहसील के रुपपुर ग्राम पंचायत में रहने वाले नौशाद बताते हैं।

कन्नौज के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा की पहल पर ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत रुपपुर ग्राम पंचायत से साथ-साथ जिन ग्राम पंचायतों में यह अभियान चलाया जा रहा है, पंचायत के लोगों को जागरुक करने के साथ ही इस अभियान से भी जोड़ा गया है।

खुले में शौच जाने से रोकने के लिए पंचायत में एक निगरानी समिति बनाई जाती है। इसके सदस्य सुबह पांच बजे से ही गाँव के बाहर जाने वाले रास्तों पर बैठ जाते हैं, जिससे नज़र रखी जा सके। जो नहीं मानते उनके पीछे डुगडुगी बजवाई जाती है, और बच्चे सीटी बजाते हैं।

“निगरानी टीम में करीब 90 लोग हैं, ये एक जैसी ड्रेस पहन कर निकलते हैं और जो बाहर शौच के लिए जा रहे लोगों को समझाते हैं, जो नहीं मानते, उन्हें एक खुरपी पकड़ा देते हैं, जिससे कि मल को मिट्टी से ढक सकें।” रुपपुर के ग्राम प्रधान सर्वेंश कुमार शाक्य ने बताया।

ग्राम प्रधान सर्वेश, “शौच के बाद उनका माला पहनाकर समिति के लोग स्वागत करते हैं। पांच सौ रुपये जुर्माना उस पर लगता है जिसके घर से लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं,  जबकि 200 रुपये उसे दिया जाता है जो इसकी जानकारी देता है।”

पहले चरण में कन्नौज जिले की पचास ग्राम पंचायतों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें से 19 पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं,  बाकी बची ग्राम पंचायतों को मई के आखिर तक पूर्णतया खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा।

“किस ग्राम पंचायत में खुले में शौच रोकने के लिए क्या हो रहा है, कितनों को खुरपी पकड़ाई गई? कितनों को माला पहनाई गई इसकी पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर मिलती रहती है। मैं सुबह छह बजे से इसे चेक करने लगता हूं कि किस पंचायत की क्या फोटो आ रही है। बीच-बीच में शाबाशी, कभी डांट भी पड़ती है।” कन्नौज के डीएम अनुज कुमार झा बताते हैं, “अभी 13 और ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव हमारे पास हैं, इसके बाद इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा।”

जिले में इस अभियान की शुरूआत से पहले सम्पूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के लिए एक कार्यशाला की गई,  इसमें खुले में शौच जाने से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया गया। इसके बाद 75 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इसका मकसद था कि इस अभियान में समाज को कैसे जोड़ा जाए।

“देखिए सबसे बड़ी बात ग्रामीणों का मन बदलने की बात है, लोगों का व्यवहार परिवर्तन होना बहुत जरूरी है। एक बार उन्होंने इसे शर्म भाव से जोड़ लिया तो फिर काम हो जाता है। जो पंचायतें पूर्णतया खुले में शौच से मुक्त हो गई हैं, वहां भी जाकर हम लोग चेक करते हैं। मंडलस्तर से गई टीम भी चेक कर चुकी है।” जिलाधिकारी अनुज कुमार झा बताते हैं।

जो ग्रामीण खुले में शौच जाना नहीं बंद करते तो उन्हें यह भी कहा जाता है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। “डीएम साहब हमारे गाँव आए थे, उन्होंने बोला कि जो नहीं मानेंगे उनका पेंशन और राशन रुकवा दिया जाएगा। लेकिन अभी इसकी नौबत नहीं आई।” ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने बताया, “हमारी पूरी ग्राम पंचायत में होने वाली शादियों के सभी कार्डों पर लिखा होता है-हमारी ग्राम पंचायत रुपपुर खुले में शौच से मुक्त है, अत: जो भी मेहमान आएं वो शौचालय का प्रयोग करें।”

मनीष मिश्र अतिरिक्त सहयोग: अजय मिश्र

Tags:    India 
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