'सुलह समझौतों से मिल सकेगा त्वरित न्याय'

सुलह समझौतों से मिल सकेगा त्वरित न्यायगाँव कनेक्शन

इटावा। आम आदमी को सस्ता और त्वरित न्याय दिलाने के लिए एडीआर आपसी सुलह समझौते के माध्यम से प्रणाली रामबाण साबित होगी। हमारे धर्म शास्त्रों और समाज में इसके स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि यह व्यवस्था पंच परमेश्वर और ग्राम न्यायालय के रूप में पहले से चली आ रही है। ये बातें वरिष्ठ न्यायमूर्ति/अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उप्र इलाहाबाद राकेश तिवारी ने 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित एडीआर भवन इटावा के लोकार्पण के पश्चात आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किये। 

न्यायमूर्ति श्री तिवारी ने कहा कि न्याय प्रणाली पर बेहद बोझ होने के कारण एडीआर न्याय प्रणाली गरीब-अमीर सभी वर्गों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए बेहद कारगर है। उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में एडीआर प्रणाली के माध्यम से

लम्बित मुकदमों का 60 प्रतिशत से अधिक निस्तारण हो गया है। उन्होंने कहा कि उप्र को भी महाराष्ट्र की बराबरी पर पहुंचना है। उन्होंने एडीआर व्यवस्था को बेहद प्रासांगिक बताते हुए कहा कि त्रेता और द्वापर में भी इसी व्यवस्था के माध्यम से राम-रावण युद्ध तथा महाभारत को भी टालने के प्रयास किये गये थे। कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए प्रतीक चिन्ह भेट किया। उक्त अवसर पर न्यायमूर्ति ने जजी प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया।

जिलाधिकारी नितिन बंसल ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्याय प्रक्रिया बेहद जटिल है। एडीआर प्रणाली से वादकारियों को लम्बी प्रक्रिया से निजात मिलेगी, जिससे उनका समय और धन दोनो की बचत होगी। कार्यक्रम के दौरान ब्लू वर्ड स्कूल की छात्राआें द्वारा स्वागत गीत गाया गया तथा कार्यक्रम का संचालन आस्फा राना मुंसिफ मजिस्टे्रट ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला वार एसोसियेशन चन्द्रशेखर गौर, अध्यक्ष सिविल वार एेसोसियेशन दिनेश कुमार अवस्थी, सिविल जज सीनियर डिवीजन/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एपी मिश्रा आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये। उक्त अवसर पर मुख्य न्यायिक मेजिस्ट्रेट अभिषेक पाण्डेय, अपर जिला जज विजय पाल, अपर जिला जज प्रहलाद टण्डन, अपर जिलाधिकारी ईश्वर चन्द्र, सिटी मेजिस्ट्रेट रजनीश राय, डीजी सी  दयाशंकर शुक्ल मौजूद रहे।

Tags:    India 
Share it
Top