'तिरछी नाक मेरी गुडलक बन गई है': अखिलेश यादव

Arvind ShukklaArvind Shukkla   7 March 2016 5:30 AM GMT

तिरछी नाक मेरी गुडलक बन गई है: अखिलेश यादवakhilesh yadav

अरविंद शुक्ला

लखनऊ। अपने कार्टून पर आधारित किताब का विमोचन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, “उनकी तिरछी नाक उनकी गुडलक बन गई है।”

समाजवादी पार्टी कार्यालय में ‘टीपू का अफसाना, हिम्मत-ए-मर्दा’ किताब का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि फुटबॉल खेलते हुए उनकी नाक टूट गई थी। ये किताब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर प्रकाशित कार्टूनों का एक संग्रह है। किताब का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री काफी हल्के-फुल्के मूड में नज़र आए। विभिन्न अख़बारों और पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित कार्टून को संग्रह कर एक किताब का रूप दिया गया है। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि कार्टूनिस्ट हमेशा आप की नाक से खेलते हैं। तो सीएम ने हंसते हुए अब्राहम लिंकन द्वारा अपने बेटे को लिखे गए खत के कुछ अंश पढ़कर सुनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उनपर कोई कार्टून छपता है वो उसे अपने मोबाइल में सेव (सुरक्षित) कर लेते हैं।”

मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में अपने नाक के तिरछे होने की वजह भी बताई। “मेरी नाक मेरे पसंदीदा खेल फुटबाल के चलते टूटी और जब नेता जी एक बहुत बड़े डॉक्टर कक्कड़ साहब के पास मुझे लेकर गए तो उन्होंने मुझसे पूछा.. शादी हो गई है.. मैने हां में जवाब दिया तो फिर उन्होंने कहा अब ठीक कराने की क्या जरूरत। और देखिए वही तिरछी नाक मेरी गुडलक बन गई है सीएम की कुर्सी मिल गई।”

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “दुनिया में यूपी की चर्चा है। कारोबारी निवेश के लिए आ रहे हैं। वो यूपी की नीतियों को पसंद करते हैं। हम सबका स्वागत करते हैं। क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के परिणाम का जो असर होता है वो बड़ी आबादी के जीवन को खुशहाल बनाता है।”

इससे पहले टीपू का अफशाना पुस्तक के संपादक और मशहूर कार्टूनिस्ट फ्रैंक हुज़ूर ने कहा, “अधिकतर नेता अपनी आलोचना नहीं सुन पाते। लेकिन हम लोग खुश़नसीब हैं की अखिलेश जी अपनी अलोचनाओं को हंसते हुए स्वीकार करते हैं। उनकी तिरछी नाक कार्टूनिस्ट का पसंदीदा सब्जेट है। कार्टूनिस्ट की पसंद बनना हर नेता की किस्मत में भी नहीं होता है।”

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