‘वंचित बच्चों का इंतजार कर रही गरीबी, अशिक्षा और मौत’

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मुंबई (भाषा)। यूनीसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक गरीबी, अशिक्षा और मौत वंचित तबके के बच्चों का इंतजार कर रही है। यह रिपोर्ट महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव ने जारी की।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा रुझानों के मुताबिक यदि विश्व ने अपने सर्वाधिक वंचित बच्चों की दशा पर ध्यान नहीं दिया तो पांच साल से कम उम्र के 6.5 करोड़ बच्चों की ज्यादातर रोके जाने वाले रोगों से मौत होगी, 16.7 करोड़ बच्चे गरीबी में होंगे और 75 करोड़ महिलाओं का 2030 तक बाल विवाह होगा। यह साल सतत विकास लक्ष्यों के लिए निधार्रित तारीख है।

यूनीसेफ की सालाना रिपोर्ट में दुनिया के सबसे गरीब बच्चों की एक भयावह तस्वीर पेश की गई है। सरकारों, दानदाताओं, कारोबारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के द्वारा उनकी जरूरतों के लिए कोशिश तेज नहीं किए जाने पर यह स्थिति पैदा होगी।

समता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा को एक अहम औजार स्वीकार करते हुए रिपोर्ट का जोर भारत में शिक्षा पर है। राव ने कहा कि हर बच्चे को एक निष्पक्ष मौका दिया जाना एक न्यायसंगत विकास का मूलतत्व है।

विश्व में 12.4 करोड़ बच्चे नहीं जाते स्कूल

रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि बच्चों के जीवन को बचाने की दिशा में अहम प्रगति हुई है, उन्हें स्कूल में दाखिल कराया गया और लोगों को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकाला गया।

वैश्विक स्तर पर करीब 12.4 करोड़ बच्चे अभी स्कूल नहीं जाते और पांच में दो बच्चे, जो प्राइमरी स्कूल की शिक्षा पूरी किए होते हैं वे कुछ लिख पढ़ नहीं पाते, ना ही सामान्य अंकगणित बना पाते हैं।

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