60 करोड़ की लागत से बिछेगी अंडरग्राउंड केबिल

60 करोड़ की लागत से बिछेगी अंडरग्राउंड केबिलgaonconnection

मैनपुरी। 60 करोड़ रुपए की लागत से शहर की बदहाल बिजली व्यवस्था को सुधारने की कवायद की जाएगी। 20 किमी. के दायरे में बिजली विभाग भूमिगत केबिल बिछाकर कटिया कनेक्शन की वर्षों पुरानी प्रथा पर अंकुश लगाकर बिजली चोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है।

बढ़ती बिजली चोरी की घटनाओं और आए दिन होने वाले फाल्ट से निजात पाने के लिए बिजली विभाग द्वारा शहर के अधिकांश हिस्से में सालभर पहले भूमिगत केबिल बिछवाई गई थीं। लेकिन बजट के अभाव की वजह से आधा हिस्सा सुविधा से वंचित रह गया था। अब छूटे हुए हिस्से को भी कवर करने की तैयारी की जा रही है। शासन स्तर से शहर के 20 किमी. के दायरे में भूमिगत केबिल बिछवाने के लिए 60 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इस धनराशि से करहल चौराहा से लेकर बड़ चौराहा तक के मार्ग में भूमिगत केबिल डलवाई जाएगी। इसके अलावा मुहल्ला महमूदनगर की मुख्य गलियों, घंटाघर, लेनगंज, बजाजा बाजार, आगरा रोड पुलिस चौकी से भीमसेन मंदिर मार्ग, क्रिश्चियन तिराहा से आगरा रोड पुलिस चौकी मार्ग तक केबिल बिछवाने की योजना है। 

अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड शहरी क्षेत्र एके पांडेय का कहना है, “आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए 100 केवीए क्षमता वाले 40 नए ट्रांसफार्मर भी लगवाए जाएंगे। ट्रांसफार्मर बढ़ने से लोड भी कम हो जाएगा, जिससे प्रतिदिन होने वाली ट्रिपिंग की समस्या से भी बहुत हद तक निजात मिल जाएगी। मार्च 2017 तक इस कार्य को पूर्ण करके आपूर्ति सुचारु कराई जानी है।” 

सदर विधायक की पहल पर बदला शहर

सदर विधायक राजकुमार यादव ने शहर के सुंदरीकरण की योजना तैयार की थी। उन्होंने पहले चरण में शहर के महत्वपूर्ण इलाकों का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब दूसरे चरण में बाकी बचे इलाकों में भूमिगत केबिल बिछवाने का काम कराया जाएगा। इतना ही नहीं, महानगरों की तर्ज पर शहर में महंगी लाइटें लगवाकर सड़कों को रोशन कराया। उनका कहना है कि शासन द्वारा सबसे ज्यादा धनराशि मैनपुरी जिले के लिए खर्च की जा रही है। जिसकी मदद से सड़क, बिजली और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम कराया जा रहा है। 

इस बार नहीं खोदी जाएंगी सड़कें

अधिशाषी अभियंता एके पांडेय का कहना है कि पिछली बार काम के लिए सड़कों को खोदना पड़ा था। जिसकी वजह से कई बार खोदाई के दौरान टेलीफोन और पानी की पाइप लाइनें भी टूटती थीं। मगर, इस बार खोदाई नहीं कराई जाएगी। ड्रिल मशीन के जरिए सड़कों के किनारे कुछ स्थानों पर छेद करके वहां मशीन की मदद से ही केबिल बिछवाई जाएंगी। भूमिगत केबिलों में होने वाले फाल्ट को तलाशने के लिए जल्द ही लोकेटर मशीन भी मंगाई जाएगी।

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