पिछले चुनावों में 'सत्ताविरोधी' लहर थी, इस बार 'सत्तासमर्थक' लहर: नरेंद्र मोदी

इंदौर की निवर्तमान सांसद और लोकसभा अध्यक्ष के सुमित्रा महाजन के बारे में पीएम ने कहा कि भाजपा में केवल ताई ही हैं जो उन्हें डांट लगा सकती हैं।

पिछले चुनावों में

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस बार के चुनाव में सत्तासमर्थक लहर है। इंदौर में एक चुनावी लोकसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों और मौजूदा लोकसभा चुनावों के दौरान देश के मतदाताओं के मूड में अंतर है। उन्होंने दावा किया कि इस बार सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के समर्थन में लहर है।

उन्होंने कहा, "2014 का चुनाव एंटी इन्कम्बेन्सी (सत्ताविरोधी लहर) का था, जबकि 2019 का मौजूदा चुनाव प्रो-इन्कम्बेन्सी (सत्तासमर्थक लहर) का है। वर्ष 2014 के चुनाव में भ्रष्टाचार, वंशवाद और नीतिगत लकवे के खिलाफ जनता का आक्रोश चरम पर था, जबकि 2019 के चुनाव में जनता का विश्वास चरम पर है।"

मोदी ने कहा, "2014 के चुनाव में देश ने मेरे और मेरे काम के बारे में बस सुना था। 2019 के इस चुनाव में देश मेरे काम को जानने लगा है। लिहाजा इस बार भारतीय जनता पार्टी नहीं, बल्कि खुद भारतीय जनता चुनाव लड़ रही है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरी निष्ठा, नीयत और नीति का आकलन कम-ज्यादा हो सकता है। लेकिन मेरे इरादों में कोई भी खोट नहीं निकाल सकता। राजनीतिक विरोधियों पर आक्रमण बोलते हुए उन्होंने कहा, "हमने अक्सर देश में सत्तारूढ़ दल को हटाने के लिये जनता को खड़े होते देखा है। अक्सर यह भी बोला जाता है कि देश का मतदाता शांत होता है। लेकिन इस बार मतदाता मुखर है और वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक एनडीए सरकार को दोबारा चुनने के लिए खड़ा हो गया है। इस कारण कई नेताओं की नींद हराम हो गयी है और उन्होंने बयानबाजी के मामले में अपना संतुलन खो दिया है।"

वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के विवादास्पद बयान "हुआ तो हुआ" को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कथन कांग्रेस का अहंकार दिखाता है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नजरिये पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "वंशवाद की सीढ़ी पर चढ़कर उन्हें पार्टी की कमान तो मिल सकती है, लेकिन दूरदृष्टि नहीं मिल सकती।"

प्रधानमंत्री ने अलवर में दलित महिला से सामूहिक बलात्कार पर कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस मामले को दबाने की कोशिश की। मोदी ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह इस घटना को लेकर इतनी ही चिंतित हैं तो उनकी पार्टी को राजस्थान की कांग्रेस नीत सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिये।

केवल ताई ही मुझे डांट लगा सकती हैं

इंदौर की निवर्तमान सांसद और लोकसभा अध्यक्ष के सुमित्रा महाजन के बारे में पीएम ने कहा कि भाजपा में केवल ताई ही हैं जो उन्हें डांट लगा सकती हैं। मोदी ने कहा, "लोकसभा स्पीकर के तौर पर ताई ने बड़ी कुशलता और संयम से कार्य किया। इस कारण उन्होंने सब लोगों के मन पर अमिट छाप छोड़ी है। आप सब तो मुझे प्रधानमंत्री के रूप में जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि हमारी पार्टी में अगर मुझे कोई डांट सकता है, तो वह ताई ही हैं।"

सुमित्रा महाजन (76) इंदौर सीट से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार चुनाव जीत चुकी हैं। लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद उन्होंने पांच अप्रैल को खुद घोषणा की थी कि वह बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी। लम्बी उहापोह के बाद भाजपा ने पार्टी के स्थानीय नेता शंकर लालवानी (57) को महाजन का चुनावी उत्तराधिकारी बनाते हुए इंदौर से टिकट दिया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के चेयरमैन और इंदौर नगर निगम के सभापति रह चुके लालवानी अपने राजनीतिक करियर का पहला लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इंदौर में 19 मई को मतदान होगा। इस क्षेत्र में मुख्य चुनावी मुकाबला लालवानी और कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी के बीच है।

(भाषा से इनपुट के साथ)

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