जागरूक अभिभावकों ने बदल दी स्कूल की तस्वीर

पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोठा विकास क्षेत्र वजीरगंज में लोगों ने मिलकर किया काम और बच्चों को दी कई सुविधाएं

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   7 Feb 2019 5:43 AM GMT

जागरूक अभिभावकों ने बदल दी स्कूल की तस्वीर

बदायूं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोठा विकास क्षेत्र वजीरगंज आज पूरे जनपद में सुविधाओं और अच्छी पढ़ाई के लिए जाना जाता है। यह सब संभव हुआ है स्कूल के जागरूक अभिभावकों की वजह से। यहां छात्रों को मिलने वाली अतिरिक्त सुविधाएं विभाग से नहीं, बल्कि गाँव के लोगों ने ही जुटाई हैं।

लोगों ने विद्यालय को अपने घर की तरह संवारा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल में बाउंड्रीवॉल नहीं है, फिर भी 200 से ज्यादा अलग-अलग पौधे लगे हुए हैं। न तो उन्हें कोई तोड़ता है न ही उन्हें कोई जानवर नुकसान पहुंचाता है।

ये भी पढ़ें: डिजिटल लाइब्रेरी से पढ़ते हैं इस स्कूल के बच्चे


ग्रामीण वेदपाल बताते हैं, "हमारे बच्चे गाँव के स्कूल में पढ़ते हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि विद्यालय को साफ-सुथरा रखा जाए। हम लोग चाहते हैं कि बच्चों को निजी विद्यालयों जैसी सुविधा मिले। इसलिए मिलकर पैसा इकट्ठा करते हैं और विद्यालय की जरूरतें पूरी करने की कोशिश करते हैं।"

सहयोग से बना दिव्यांग शौचालय

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गीता देवी ने बताया, "हमारे विद्यालय में जो भी बदलाव हुए हैं वह समुदाय के सहयोग से हुए हैं। ग्राम पंचायत की मदद से विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण हो चुका है। अध्यापक भी पूरा साथ देते हैं। ग्रामीण खुद चंदा लगाकर बच्चों की जरूरत के सामान मुहैया करवाते हैं।"

ये भी पढ़ें: रंग लाई अध्यापकों की मेहनत, तिगुनी हुई छात्रों की संख्या


बच्चों की 90-100 प्रतिशत रहती है उपस्थिति

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सेराज अहमद काफी सक्रिय रहते हैं। हर माह होने वाली बैठक में सभी लोगों की भूमिका निश्चित करना, अभिभावकों से मिलकर बच्चों की उपस्थिति कैसे बढ़ाई जाए इसपर चर्चा करना जैसी तमाम जिम्मेदारियां वह बखूबी निभा रहे हैं। सेराज ने बताया, "कुछ वर्ष पहले विद्यालय में छात्रों के नामांकन का आंकड़ा सिर्फ 61 था और औसतन उपस्थिति 40 से 50 प्रतिशत रहती थी। अब नामांकन 138 है और उपस्थिति 90 से 100 प्रतिशत के बीच रहती है। 26 अगस्त से 5 दिसंबर के बीच लगातार 72 कार्य दिवसों में विद्यालय में शत प्रतिशत उपस्थिति रही है।"


ये भी पढ़ेें: स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे बच्चे, शिक्षक वीडियो से सीखेंगे पढ़ाने के तरीके

बच्चों के प्रोजेक्ट को मिले पुरस्कार

विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। विद्यालय के छात्र शिवम साहू का प्रोजेक्ट 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया था। शिवम को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर एवं पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार बारामती महाराष्ट्र में सम्मानित भी कर चुके हैं। इस वर्ष भी विद्यालय के छात्रों ने राज्य स्तर पर स्थान अर्जित किया है। वर्तमान सत्र में जल संरक्षण के लिए बच्चों द्वारा बनाया गया प्रोजेक्ट प्रदेश स्तर से राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करने लिए चयनित हो चुका है।

ये हैं विद्यालय में सुविधाएं

जनरेटर

इनवर्टर

सबमर्सिबल

कंप्यूटर लैब

स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग

सीसीटीवी

बायोमीट्रिक उपस्थिति

ये भी पढ़ें: प्रधानाध्यापक ने वीरान स्कूल को बनाया हराभरा, बच्चे खुद करते हैं पेड़-पौधों की देखभाल


ये हैं विद्यालय की उपलब्धियां

- प्रतिमाह शत प्रतिशत उपस्थिति पुरस्कार

- स्टार ऑफ द मंथ के तहत प्रत्येक कक्षा के एक छात्र-छात्रा को सम्मानित करना

- पूरे सत्र में 90 प्रतिशत से अधिक उपस्थित रहने वाले छात्र छात्राओं की माताओं को मातृ दिवस पर सम्मानित करना

- लगातार तीन दिन या उससे अधिक अनुपस्थित रहने वाले छात्र छात्राओं की अनुपस्थिति की सूचना 'सूचना पत्र' के माध्यम से उनके घर पर प्रेषित करना

- मीना मंच की बाल संसद को सक्रिय छात्र छात्राओं की उपस्थिति की निगरानी में आयोजित करना साथ ही आस-पड़ोस के बच्चों को विद्यालय लाने के लिए प्रेरित करना

ये भी पढ़ें: एसएमसी सदस्य ने एक सत्र में कराए चालिस नए नामांकन

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top