डिजिटल लाइब्रेरी से पढ़ते हैं इस स्कूल के बच्चे

नए जमाने से कदमताल मिलाते हुए अपनी अलग पहचान बना रहे हैं सरकारी स्कूल

डिजिटल लाइब्रेरी से पढ़ते हैं इस स्कूल के बच्चे

बरेली। नए जमाने से कदमताल मिलाते हुए सरकारी स्कूल अब अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। बरेली के भोजीपुरा ब्लॉक का इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय, खतौला गणपत राय भी इनमें से एक है। इस स्कूल की सहायक अध्यापिका अणिमा ने अनोखी डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की है। क्यूआर कोड के जरिए बच्चे इसका लाभ ले रहे हैं। अणिमा अपने स्कूल में आए दिन नए-नए प्रयोग करती हैं, जिससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगा रहे।

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पढ़ाई के साथ-साथ जमकर करते हैं मस्ती।

अणिमा गाँव कनेक्शन से बताती हैं, "हमारा विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में है और यहां पढ़ने वाले बच्चे भी गाँव से आते हैं। इस विद्यालय में नियुक्ति मिलने से पहले मैं शहर के एक निजी विद्यालय में पढ़ाती थी। वहां पढ़ाने का तरीका काफी अलग था। मैंने सोचा बच्चों के लिए कुछ ऐसा करूं जिसमें खर्च कम हो और बच्चों के लिए लाभकारी हो।"

सरकारी विद्यालयों में पुस्तकों की बहुत दिक्कत होती है। कई बार आधा सत्र बीत जाने के बाद पुस्तकें विद्यालय तक पहुंच पाती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मैंने अपने विद्यालय में एक डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की है। यह लाइब्रेरी क्विक रिसपांस (क्यूआर) कोड से बनी है।

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"बेसिक शिक्षा विभाग की किताबों में भी क्यूआर कोड लगा होता है। कोई भी शिक्षक स्मार्ट फोन से जैसे ही दीक्षा ऐप से इस कोड को स्कैन करता है, उसे दीक्षा पोर्टल पर मौजूद तमाम मेटेरियल का लिंक मिल जाता है। लाइब्रेरी बनाने में 18 क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया था। अब इसे बढ़ा कर 50 कर दिया गया है।" अणिमा ने आगे बताया।

सहायक अध्यापिका अणिमा ने अनोखी डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की है।

नाम मात्र के बच्चे आते थे विद्यालय

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजू लता ने बताया, "हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के ज्यादातर अभिभावक अशिक्षित हैं। उन्हें शिक्षा का महत्व नहीं पता है, इसलिए वे अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर ज्यादा संजीदा नहीं हैं। पहले ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने की जगह खेतों में काम करने भेजते थे।" आगे कहती हैं, "जब से सहायक अध्यापिका अणिमा आई हैं हम लोग घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलते हैं। लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करते हैं। इस वर्ष हमारे विद्यालय में 135 छात्र पंजीकृत हैं।"

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विद्यालय में पहले से बेहतर हो गई बच्चों की उपस्थिति।

बच्चों के शैक्षिक स्तर में हुई वृद्धि

सहायक अध्यापिका अणिमा बताती हैं, "डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री, रोचक कहानियां, कविताएं और गीत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लाइब्रेरी में मौजूद शैक्षिक सामग्री से बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार हो रहा है। लाइब्रेरी में कक्षा दो से पांच तक के छात्रों के लिए अलग-अगल शैक्षिक सामग्री मौजूद है।"

कक्षा चार की छात्रा सादिया ने बताया, "अणिमा मैम हम लोगों को रोज अच्छी-अच्छी कहानियां सुनाती हैं। अपने मोबाइल से हम लोगों को पढ़ाती हैं। मोबाइल पर बहुत अच्छी किताबें हैं, मैं अब रोज स्कूल आती हूं।"

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