इस स्कूल में कोई भी बच्चा नहीं होता अनुपस्थित

Divendra SinghDivendra Singh   21 Dec 2018 11:49 AM GMT

इस स्कूल में कोई भी बच्चा नहीं होता अनुपस्थित

माल (लखनऊ)। न स्कूल में शौचालय, न पीने के लिए साफ पानी, बाउंड्रीवाल भी नहीं होने की वजह से विद्यालय की सुरक्षा ताक पर थी। लखनऊ जिले के माल ब्लॉक के सिवारी गाँव के प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर दो साल पहले कुछ ऐसी ही थी। लेकिन विद्यालय प्रबंधन समिति में अभिवावकों की सक्रिय भागीदारी से आज इस स्कूल में शौचालय से लेकर बाउंड्रीवाल तक सभी का पुनर्निर्माण हो चुका है।

लखनऊ जिला मुख्यालय से लगभग 38 किलोमीटर दूर माल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में प्रबंधन समिति के सदस्य राम स्वरूप ने बताया, "पहले हमें लगता था जो भी समस्या है उसकी जिम्मेदारी स्कूल की है। जब हमें लखनऊ में ट्रेनिंग दी गयी तब पता चला कि जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं उनकी भी जिम्मेदारी उतनी ही है जितनी स्कूल की है। सबसे पहले हम पंचों ने स्कूल में शौचालय, नल, बाउंड्री आदि की व्यवस्था की। स्कूल में मौजूदगी बनी रहे इसलिए हम खेतों में काम करने के बाद थोड़ा समय निकालकर मीटिंग में चले जाते हैं। अब हमारी बिटिया को स्कूल जाने में कोई परेशानी भी नहीं होती है। उसे अच्छी शिक्षा भी मिल पा रही है।

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विद्यालय के सहायक अध्यापक किशन लाल राठौर ने कहा, "अपना काम छोड़कर बच्चों के माता पिता स्कूल आते हैं ये बहुत बड़ी बात है। सभी सदस्य तो नहीं आ पाते हैं लेकिन कुछ लोग नियमित रूप से अपनी मौजूदगी दर्ज करते हैं। स्कूल की स्थिति में अब काफी सुधार आया है।"


प्राथमिक विद्यालय में हर महीने की पांच या छह तारीख को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक होती है। 15 सदस्यों में से 10 से 12 लोग मीटिंग में जरूर शामिल होते हैं। मीटिंग में किन-किन विषयों पर चर्चा होती है और उसमें क्या सुधार किया जाता है इसकी पूरी रिपोर्ट रजिस्टर में लिखी होती है।

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हाथ धोने के लिए बेसिन

एक गैर सरकारी संस्था 'वात्सल्य' की तरफ से स्कूल में बच्चों के लिए पानी की टंकी, हाथ धोने के लिए बेसिन लगाया गया है, जिससे बच्चों का स्वच्छ रहने की आदत पड़े। वात्सल्य संस्था के ब्लॉक कॉर्डिनेटर सौरभ सिंह बताते हैं, "इस मीटिंग में अभिभावकों की सहभागिता होने से कई तरह के सुधार हुए हैं। इन बैठकों से बच्चों का नामांकन, उनका स्कूल में ठहराव, टीचरों का विद्यालय समय से आना, शिक्षा और पठन-पाठन सामग्री की गुणवत्ता, मिड डे मील जैसी तमाम चीजों में सुधार हुआ है।

नियमित होती है बैठक

वात्सल्य संस्था द्वारा प्लान इण्डिया के सहयोग से माल ब्लॉक के 32 माध्यमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में हर महीने प्रबंधन समिति की मीटिंग होती है। इसके अलावा लखनऊ के आठ ब्लॉक के 10-10 स्कूल मिलाकर 80 विद्यालयों में लगातार ये बैठकें होती हैं।

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