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महिला दिवस विशेष: पुरुषों से ज्यादा काम करने वाली महिला किसान, जो करोड़ों में हैं मगर दिखती नहीं हैं

हमने सुना है भारत में एक पुरुष साल में 1800 घंटे खेती का काम करता है और एक महिला सालभर में 3000 तीन सौ घंटे.. यानि रोज करीब 9 घंटे। इन घंटों के अलावा घर का काम, बच्चे संभालना और पशुओं की देखभाल करना भी होता है। ये भारत की अलग तरह की कामकाजी महिलाएं हैं... ये हिंदुस्तान की असली वर्किंग वुमन (working women) है। लेकिन घर और खेत के बीच मुश्किल संतुलन बैठाती महिलाएं, लेकिन खेतों में दिन-रात हड्डडियां गलाती महिलाएं आंकड़ों में नजर नहीं आती हैं।

ग्रामीण भारत की रीढ़, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी ये महिलाएं अपने घरों का बोझ अपने कंधे पर उठाए चुपचाप चल रही हैं। गूगल इमीजेज में सर्च करने पर बस पुरुष किसानों की तस्वीरें आती हैं, किसान के नाम पर सोचने पर पुरुष किसान ही नजर आते हैं, आंकड़े नहीं बताते जीडीपी यानि सकल घरेलू उत्पाद में महिला किसानों का कितना योगदान है?, इकनॉमिक ग्रोथ में उनकी भूमिका नापने का कोई स्केल नहीं है, क्योंकि वो कागज और आंकड़ों पर अपना वजूद नहीं रखती.. इस महिला दिवस women's day पर मिलिए इन अदृश्य महिला किसानों से..



नोट- ये वीडियो मूलरूप से साल 2018 नीलेश मिसरा शो के लिए बनाया गया था.


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