आज़ादी के बाद भी नहीं पहुंची बहिलामऊ गाँव में बिजली

आज़ादी के बाद भी नहीं पहुंची बहिलामऊ गाँव में बिजलीgaonconnection

महमूदाबाद। बहिलामऊ गाँव में आजादी के बाद बिजली आएगी, ग्रामीणों का ये सपना अधूरा रह गया है। पिछले वर्ष तक बिजली का कोई भी ठौर-ठिकाना नहीं था पर अचानक गाँव में बिजली की लाइन बिछनी शुरू हो गई। जिसके बाद लोगों में इस बात की खुशी थी कि अब उनकी रातें अंधेरे में नहीं कटेंगी पर लाइन बिछने के बाद भी बिजली ने गाँव में दर्शन नहीं दिए हैं।

बहिलामऊ गाँव के श्रीराम भार्गव (50 वर्ष) अपनी परेशानी बताते हुए कहते हैं, ‘’गाँव में बिजली की लाइन है, पर आज तक बिजली नहीं आई है। यहां पर कुछ घरों के लोग अपने घरों से 300 मीटर का केबिल लगाकर दूसरे गाँव की लाइन से बिजली लेते हैं। गाँव में बिजली आ भी रही है या नहीं इसे देखने कोई भी अधिकारी गाँव नहीं आया है।’’

बहिलामऊ गाँव के राम सेवक (47 वर्ष) बताते हैं, ‘’गाँव वालों ने कई बार बिजली की हालत के बारे में ग्राम प्रधान से कहा है पर उन्हें कोई भी फर्क नहीं पड़ता है। रात में बिजली न रहने से चोरी-चकारी का डर रहता है औऱ बच्चों की पढ़ाई में भी दिक्कतें आ रही है।’’

दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से दूर ये गाँव

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक देश के 30 राज्यों में से महज नौ राज्य (गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, केरल, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु) में ही पूरी तरह विद्युतीकरण हो पाया है। देश के कुल केंद्रीय राजस्व का 18 फीसद राशि बिजली उत्पादन और उसकी आपूर्ति पर खर्च किया जाता है। इसके बावजूद देश में बिजली संकट की समस्या गंभीर बनी हुई है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) के तहत देश भर के 174 गाँवों में पिछले हफ्ते (18 से 24 जुलाई, 2016) के बीच बिजली पहुंचाई गई। इनमें जिन गाँवों का विद्युतीकरण किया गया है, उनमें अरूणाचल प्रदेश के 12, मेघालय- 82,  असम- 15, उत्तर प्रदेश-12, मिजोरम-03, झारखंड- 18, राजस्थान-03 , ओडिशा-11, बिहार- 15, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एक-एक गाँव शामिल हैं पर 600 लोगों की आबादी वाले बहिलामऊ गाँव के लोगों को आज भी बिजली का इंतज़ार है।

स्वयं वालेंटियर: शिवेंद्र कुमार सिंह

स्कूल: प्रकाश विद्या मंदिर इंटर कॉलेज

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