आज का हर्बल नुस्खा: सिर्फ घास नहीं औषधि भी है दूब

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हिन्दू धर्म शास्त्रों में दूब घास को बेहद पवित्र माना गया है। हर शुभ काम में इसका इस्तेमाल होता है। दूब घास खेल के मैदान, मंदिर परिसर, बाग-बागीचों और खेत खलिहानों में पाई जाती है। आदिवासियों के अनुसार इसका प्रतिदिन सेवन शारीरिक स्फूर्ति प्रदान करता है और शरीर को थकान महसूस नहीं होती है।

वैसे आधुनिक विज्ञान के अनुसार भी दूब घास एक शक्तिवर्द्धक औषधि है क्योंकि इसमें ग्लाइकोसाइड, अल्केलाइड, विटामिन-ए  विटामिन-सी की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। इसका लेप मस्तक पर लगाने से नकसीर ठीक होती है। पातालकोट में आदिवासी नाक से खून निकलने पर ताजी और हरी दूब का रस 2-2 बूंद नाक में डालते हैं जिससे नाक से खून आना बंद हो जाता है।

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