आज का हर्बल नुस्खा: सज़ा नहीं मज़ा है कोंकण का 'काला पानी'

आज का हर्बल नुस्खा: सज़ा नहीं मज़ा है कोंकण का काला पानी

महाराष्ट्र के नंदुरबार और नासिक जिले के कोकणीं आदिवासी एक स्वादिष्ट और शीतल पेय तैयार करते हैं जिसमें अंगूर और नींबू का जबरदस्त संगम होता है। इस पेय को तैयार करने के लिए आदिवासी 4 नींबू लेकर इनसे रस निचोड़ लेते हैं, इस रस में लगभग 4 मि.ली. अंगूर का रस भी मिला लिया जाता है। इस मिश्रण में लगभग 4 ग्राम सोंठ पाउडर और 2 चम्मच शक्कर भी मिला ली जाती है और पूरी तरह से घोल लिया जाता है। बाद में इसे लगभग आधा लीटर पानी में मिला लिया जाता है। पानी में इसे अच्छी तरह से घोलकर मेहमानों को ठंडा-ठंडा पिलाया जाता है। माना जाता है कि ये लू के थपेड़ों की मार को जल्द ठीक कर देता है।

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