आज से घर-घर ढूंढे जाएंगे बच्चे

आज से घर-घर ढूंढे जाएंगे बच्चेgaoconnection

लखनऊ। सरकार की कोशिश है कि सर्व शिक्षा अभियान इस बार सिर्फ रैली और संगोष्ठियों तक सिमट कर न रह जाए। हर बच्चा स्कूल पहुंचे और इसके लिए संबंधित हर अधिकारी, कर्मचारी और समिति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, इसलिए कवायद जारी है। कई जिलों ने इसके लिए अलग से रणनीति तैयार की है।

बाराबंकी में डीएम ने इस मामले में कोटेदारों को भी अहम जिम्मेदारी दी है तो शामली में विद्यालय प्रबंधन कमेटियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलाधिकारियों को 30 मार्च को विद्यालय उत्सव के आयोजन के साथ-साथ स्कूल चलो अभियान को आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद विकास खंड, ग्राम एवं वार्ड व स्कूल स्तर पर मेले, गोष्ठियां, चर्चाएं, रैली, प्रभातफेरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन कराया जाए।

लखनऊ से लगभग 35 किमी दूर मोहनलालगंज के प्राथमिक विद्यालय बरूवा में स्कूल चलो अभियान की तैयारियां जोरों पर हैं। वहां के अध्यापक नितिन कुमार बताते हैं, पोस्टर, बैनर सब बनवाए जा चुके हैं 30 मार्च से अभियान शुरू हो रहा है और इसमें बच्चों के घर वालों को जागरूक किया जाएगा कि वो अपने बच्चों को स्कूल भेजे। वैसे तो अभियान हर वर्ष चलता है लेकिन इस बार ये वर्ष में चार बार अभियान चलेगा। 

इस बारे में लखनऊ के एडी बेसिक महेन्द्र सिंह राणा बताते हैं, 30 मार्च को रिजल्ट के साथ ही अभियान की शुरूआत की जाएगी। अभिवावक, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, नायाब तहसीलदार, सहायक खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी आदि भी शामिल होगें। वो आगे बताते हैं, ‘’इस बार अभियान चार बार चलाया जाएगा क्योंकि बीच में भी बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। 

वो पूरे सत्र आए इसलिए पहला चरण 30 मार्च से 30 अप्रैल फिर जुलाई में जब स्कूल खुलेगा तब उसके बाद दीवाली और शीतऋतु की ठंड में चलाया जाएगा। अभियान से पिछले वर्षों में कोई खास परिणाम नहीं दिखा था, इसलिए इस बार ज्यादा जोर दिया जा रहा है।’’ 

इस अवसर पर मेधावी तथा नियमित उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं, नियमित रूप से उपस्थिति रहने वाले व अच्छा कार्य करने वाले अध्यापकों, स्कूल प्रबंध समिति के सदस्यों तथा मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को भी सम्मानित किया जायेगा।

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