और जब गाँव की महिलाएं रिपोर्टिंग करने निकल पड़ीं, देखिये तस्वीरें

और जब गाँव की महिलाएं रिपोर्टिंग करने निकल पड़ीं, देखिये तस्वीरें

रांची (झारखंड)। ऊपर जो आप तस्वीर देख रहे हैं ये तस्वीर झारखंड के दुर्गम इलाके में रहने वाली ग्रामीणों की हैं। सामुदायिक पत्रकारिता का प्रशिक्षण लेने के बाद अब ये ग्रामीण महिलाएं वो कहानियाँ लिखेंगी जिन्हें अभी तक सोशल मीडिया और अखबारों में जगह नहीं मिली है। खबर लिखने और वीडियो बनाने वाली महिलाओं को उचित पारिश्रमिक भी दिया जाएगा। जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में ये सार्थक प्रयास साबित हो सकें।

दुर्गम इलाकों की महिलाओं को सामुदायिक पत्रकार बनाने के लिए झारखंड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और भारत के ग्रामीण मीडिया प्लेटफार्म 'गाँव कनेक्शन' के साझा प्रयास से चार दिवसीय प्रशिक्षण रांची में दिया गया। खबर लिखने की बारीकियों के साथ इन महिलाओं को मोबाइल से फोटो खींचना और वीडियो बनाना भी सिखाया गया। प्रशिक्षण के तीसरे दिन इन महिलाओं को फील्ड विजिट कराया गया और मौके पर पहुंचकर उन्हें खबर पहचानने और उसे लिखने और मोबाइल में कैद करने के तरीके बताए गए।

अगली स्लाइड में आप ऐसी तमाम तस्वीरें देखेंगे जिसमे ये फोटो खींचने से लेकर फील्ड में रिपोर्टिंग करती नजर आयेंगी। इन सखी मंडल की महिलाओं में पत्रकारिता की बारीकियां सीखने की कितनी ललक है ये आप इनकी तस्वीरें देखकर आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं। झारखंड के दुर्गम इलाकों की इनकी लिखी खबरें आप जल्द ही गाँव कनेक्शन की वेबसाईट पर पढ़ सकेंग।

नोट- आगे की फोटो देखने के लिए नीचे दिए नंबर पर क्लिक करें...


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