झारखंड की ग्रामीण महिलाएं सामुदायिक पत्रकार बनकर बनेंगी अपने गांव की आवाज़

इस कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्र के सुदूर गाँव से आयीं महिलाओं में कुछ समय के लिए झिझक तो दिखी लेकिन उनमें सामुदायिक पत्रकार बनने का ज़ज्बा भी दिखा। वे अपने समूह की सकारात्मक खबरों को लिखने लिए और अपने क्षेत्र की समस्याओं को लिखने के लिए काफी उत्साही दिखीं।

Arvind ShuklaArvind Shukla   5 July 2018 10:45 AM GMT

झारखंड की ग्रामीण महिलाएं सामुदायिक पत्रकार बनकर बनेंगी अपने गांव की आवाज़

धनबाद (झारखंड)। सोनपुरा गांव की रहने वाली खुशबू देवी (27 वर्ष) महिला किसान हैं, वो महिलाओं के स्वयं सहायता समूह सखी मंडल की सक्रिय सदस्य हैं। खुशबू अपने गांव की उपलब्धियां, इलाके की समस्याओं को गांव कनेक्शन अखबार के माध्यम से उठाएंगी। धनबाद में चार दिन के प्रशिक्षण के बाद अब खुशबू सामुदायिक पत्रकार बनने को तैयार हैं।

झारखंड के पिछड़े जिले गढ़वा के नगर उंटारी ब्लॉक के सोनपुर निवासी खुशबू देवी उन महिलाओं में से एक हैं, जिन्हें धनबाद में सामुदायिक पत्रकार बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी और देश के ग्रामीण पत्रकारिता संस्थान गांव कनेक्शन के साझा प्रयास से इन महिलाओं को गांव के मुद्दों को पहचानने, ख़बर लिखने और फोटो खींचने की ट्रेनिंग दी गई। राज्य के 15 जिलों की 30 महिलाएं इस चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं। शिविर में शामिल हुई ज्यादातर महिलाएं आजीविका मिशन के तहत सखी मंडल से जुड़ी हुई हैं।




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