आखिर क्या छिपा रहा मेडिकल कॉलेज?

आखिर क्या छिपा रहा मेडिकल कॉलेज?गाँव कनेक्शन

कन्नौज। शासन व जिला प्रशासन गरीबों व मरीजों को लाभ देने के लिए भले ही सजग हों, लेकिन संबंधित अधिकारी व विभाग सहयोग नहीं करते हैं। इससे व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ सकती हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा उस समय हुआ जब प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा राजकीय मेडिकल कॉलेज के दौरे पर आए और कुछ जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद डीएम ने कहा, ''मुझे डॉक्टरों की सूची नहीं दी जा रही है।’’ इससे कई सवाल खड़े हो गए।
यह किसी से छिपा नहीं है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में कितने डॉक्टर तैनात हैं और कागजों में कितने चल रहे हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा अनूप पांडेय मेडिकल कॉलेज आएं। यहां उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी, डीएम अनुज कुमार झा, प्रधानाचार्य डॉ. डीएस मारतोलिया आदि के साथ प्रशासनिक भवन में वार्ता की। सांसद डिम्पल यादव के प्रतिनिधि नवाब सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए कहा,''यहां कुछ डॉक्टरों का व्यवहार अच्छा नहीं है। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कतें होती हैं। कभी-कभी जनप्रतिनिधियों के साथ भी अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है।’’ सपा जिला महासचिव संजय दुबे ने प्रमुख सचिव से शिकायत दर्ज कराई कि ईएनटी के डॉ. विजय बजाज व मेडिसिन के कानपुर से आने वाले एक डॉक्टर बाहर की दवाइयां लिखते हैं। कई डॉक्टरों की तैनाती के बाद भी न आने, समय से ओपीडी न करने की शिकायतें भी हुईं। इस पर डीएम ने प्रमुख सचिव के सामने मामला खोला कि पिछले बार जब तत्कालीन प्रमुख सचिव अनीता सिंह आईं थीं तो उन्होंने सभी डॉक्टरों की सूची व ओपीडी करने वाले दिन, ऑपरेशन वाले दिनों आदि का ब्योरा मांगा था, वह अब तक नहीं दिया गया। इस पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सूची मुहैया कराई जाए।
ओटी का किया शुभारंभप्रमुख सचिव ने मेडिकल कॉलेज में ओटी का शुभारंभ किया, साथ ही आईसीयू शुरू करने के निर्देश दिए। डायबिटीज ओपीडी का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। एक सवाल के जवाब में प्रमुख सचिव ने कहा,''गंभीर मरीजों को ही रेफर जाए।’’ उन्होंने पोस्टमार्टम भी मेडिकल कॉलेज में शुरू कराने के निर्देश दिए।रिपोर्टर - विजय कुमार मिश्र

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