आलोचनाओं को मैं प्रोत्साहन के रूप में लेता हूं: अमिताभ

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मुंबई (भाषा)। अपने लंबे सिनेमाई करियर में अमिताभ बच्चन के आलोचक भी रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह आलोचनाओं से कतराने की जगह उनका उपयोग अपने कार्य को और निखारने में करते हैं। 

बच्चन ने एक साक्षात्कार में बताया, ‘‘यह (आलोचना) हमारे लिए महत्वपूर्ण है, यह खुद को सुधारने में मदद करती हैं, मैं यह नहीं मानता कि आलोचना बकवास हैं और इसे पढ़ा नहीं जाना चाहिए। मैं कभी-कभी इसका उपयोग प्रोत्साहन के रूप में करता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब आलोचना होती है, तब आपके कार्य का मूल्यांकन या आकलन हो जाता है, एक और नजरिया मिलना बढ़िया है, इससे आपको एक अलग दृष्टिकोण मिलता है।'' बच्चन ने बताया कि यदि कोई सेलेब्रिटी जनता के प्यार का आनंद लेता है, तो उसे नकारात्मक बातों को सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। बच्चन अगली फिल्म ‘तीन' में नज़र आएंगे।

बच्चन ने बताया, ‘‘यदि आप अपने बारे में अच्छी चीजों को ही सुनना जारी रखते हैं, तो आप एक व्यक्ति के रूप में बिगड़ जाओगे। कोई भी परिपूर्ण नहीं है। हम सब में कुछ न कुछ दोष हैं, हम सब में अपनी अपनी कमजोरियां हैं और हम में वह क्षमता नहीं है कि इन सभी चीजों को नोटिस कर सकें। यदि आप लोक प्रसिद्ध चेहरे हैं, तब तो आपको इन सबका सामना करना ही होगा। आपको इससे सामंजस्य बैठाना होगा।''

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