आलू की कीमतों में तीन गुना इज़ाफा

आलू की कीमतों में तीन गुना इज़ाफाgaoconnection

लखनऊ। अभी दो महीने पहले तक किसानों की आलू की खेती से लागत भी नहीं निकल पा रही थी, और अब  अचानक आलू का दाम लगभग तीन गुना ज्यादा बढ़ गया है।

मौसम की मेहरबानी से इस बार आलू की पैदावार अच्छी हुई है और फरवरी महीने में आलू माटी मोल बिक रहा था। फरवरी में आलू साढ़े तीन सौ रुपए प्रति कुंटल से साढ़े चार सौ रुपये प्रति कुंतल बिक रहा था, अब वही आलू एक हजार से 1200 रुपए थोक भाव में बिक रहा है। फुटकर में यही आलू  20 से 22 रुपए में बिक रहा है।

प्रदेश में फर्रुखाबाद और आगरा जि़लों में सबसे ज्यादा आलू का उत्पादन होता है। आगरा जि़ले के किसान सुरेश चौधरी (41 वर्ष) को पिछली बार आलू से घाटा हो गया था। इस बार ढाई सौ बीघे में आलू बोया था। सुरेश चौधरी बताते हैं, “शुरु में तो आलू का दाम बहुत कम दाम मिल रहा था, लेकिन अब सही दाम मिल रहा है। हम लोग आलू कोल्ड स्टोरेज में रख देते हैं, अब कोल्ड स्टोरज से आलू निकाल कर बेच रहे हैं।”

लखनऊ स्थित दुबग्गा मंडी में भी अब दाम बढ़ गया है। दुबग्गा मंडी के प्रभारी शिव गोपाल ने बताया, ‘’फरवरी-मार्च महीने में जब किसान आलू सीधे मंडी तक ले आता है तब हर दिन करीब 2500 कुंतल आलू मंडी में आ रही है। इस समय आलू कम आ रही है इसीलिए रेट थोड़े बढ़ गए हैं।” थोक मंडी में इस समय आलू हजार से 12 00 में बिक रहा है तो फुटकर मंडी में भी 18-20 रुपए तक पहुंच गया है। लखनऊ के आलू विकास अधिकारी वाहिद अली बताते हैं, ‘’मंडी में इस समय 1000 से 1200 रुपए प्रति कुंतल आलू बिक रहा है, फरवरी-मार्च ज्यादातर किसान आलू की खुदाई करता है। तब आलू का दाम कम होता है। इस बार आलू के बुवाई का क्षेत्रफल भी बढ़ा है।” 

उत्तर प्रदेश के आलू स्टोरज संघ के अध्यक्ष महेन्द्र स्वरूप बताते हैं, “जब किसान आलू खेत से निकाल कर बेचता है, तब आलू का दाम बहुत कम दाम होता है। किसानों ने अब अपना आलू स्टोर में रख दिया है और उससे निकालकर अब आलू बेच रहे हैं, जिससे आलू का दाम बढ़ गया है, इसमें कोल्ड स्टोरेज का किराया और गाड़ी भाड़ा भी जुड़ जाता है।”

इस बार उत्तर प्रदेश में 2015-16 एक करोड़ पंद्रह लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है, जबकि वर्ष 2014-15 में प्रदेश में लगभग पांच लाख हेक्टेयर में आलू लगाया गया था और उत्पादन 129 लाख मीट्रिक टन था। प्रदेश में कुल 1650 कोल्ड स्टोर हैं। 

उत्तर प्रदेश मण्डी परिषद के डॉ. हिमांशू शेखर त्रिपाठी आलू के दाम बढ़ने के बारे में बताते हैं, “आलू का निर्यात दूसरे प्रदेशों में हो रहा है, लेकिन ये कारण नहीं है आलू के दाम बढ़ने का। इस बार पैदावार भी अच्छी हुई है।”

दो महीनों में पहले खेतों से आलू साढ़े तीन सौ रुपए प्रति कुंतल से साढ़े चार सौ रुपए प्रति कुंतल बिक रहा था, उन्हीं किसानों ने आज छह सौ रुपये प्रति कुंतल से सात सौ रुपये प्रति किलो आलू बेचा।

उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के सह निदेशक दिनेश कुमार अचानक आलू के दाम बढऩे के बारे में बताते हैं, “इस बार आलू की पैदावार अच्छी हुई है, प्रदेश भर में किसानों ने कच्ची आलू खोदकर कर ही बेचना शुरू किया जिससे किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा था।” 

वो आगे बताते हैं, “अब बड़े किसान आलू नहीं बेच रहें हैं क्योकि अभी आलू कच्चा है पकने पर ही स्टोर में रखा जाता है, जिससे मण्डी में आलू आने कम हो गये हैं, अब छोटे किसानों को सही दाम मिल रहे हैं।”

रिपोर्टर - दिवेन्द्र सिंह

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