आंधी से गिरा पांच हजार पेटी आम पहुंचा मण्डी

आंधी से गिरा पांच हजार पेटी आम पहुंचा मण्डीgaoconnection

मलिहाबाद (लखनऊ)। बीते शुक्रवार रात तेज आंधी से बागों मे गिरे आम को इकट्ठा करके मंडी तक पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। शनिवार को कानपुर व दुबग्गा मण्डी मे बिकने गए आम का भाव कम होने से रविवार को मलिहाबाद मण्डी शुरू हो गई, जिसमें करीब पांच हजार पेटी आमों की बिक्री हुई। 

आम उत्पादक व बागवान अपने बागों से प्लास्टिक की कैरटों, लकड़ी की पेटियों व गत्ते की पेटियों सहित हाफडालों मे खुला आम भरकर मण्डी में लाए। यहां ढेरों में लगा दशहरी आम 8 रूपए किलो के भाव से बिका। पेटियों मे बन्द आम 100 रूपए 120 रूपए के बीच बेंचा गया।इसी प्रकार कैरटों मे भरे आम की बिक्री 175 से 200 रूपए के बीच हुई। 

बहुत ही सस्ती दर पर हो रही आम की बिक्री से बागवानों मे निराशा का माहौल है। वहीं बागवान रितेन्द्र यादव का कहना है, “आंधी से गिरा आम चोटहिल होने के कारण कोई खरीदना नहीं चाहता है। साथ ही पेड़ों मे लगा आम अभी पूरी तरीके से से परिपक्व नहीं हो सका है।” वो आगे बताते हैं, “आने वाले समय में डाल के टूटे आम के भाव बढ़ेंगे। इसलिए बागवानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ”स्थानीय मण्डी के आढ़ती राजाराम गुप्ता बताते हैं, “यह स्थानीय मण्डी 5 जून से शुरू होती थी। इस बार दो सप्ताह पहले ही शुरू हो गई। मण्डी में बिक रहे आम को व्यापारी पाल लगाकर पकाने के बाद ही बाजार में उतारेंगे।” वो आगे बताते हैं, “अभी डाल के पके आम को खाने के लिए दो सप्ताह और इंतजार करना पड़ेगा। आम की वर्तमान समय मे कम कीमत मिलने का एक यह भी कारण है कि बाजार मे खरबूजा व तरबूज फलों की अभी अधिकता है। कुछ ही समय में यह फल समाप्त हो जाएंगे तब आम के भाव तेजी पकड़ेंगे। 

पंद्रह फीसदी आम का नुकसान 

लखनऊ। अभी मंडी में आम के आने की शुरुआत हुई थी, किसानों को अच्छे दाम भी मिल रहे थे, लेकिन बीते शुक्रवार रात आई तेज आंधी ने काफी नुकसान कर दिया। बेमौसम आंधी और बारिश के कारण आम की फसल को करीब 15 फीसदी नुकसान हुआ। लखनऊ जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर मलिहाबाद फल-पट्टी के क्षेत्र में आंधी-तूफान में सबसे ज्यादा नुकसान आम का हुआ है। 20 मई से आम टूटना शुरु हो गया था, इसके कारण आम बड़ी मात्रा में टूटा था लेकिन आंधी की चपेट में आने से आम भी मंडी में औने-पौने के दामों में बिक रहा है।

एक बीघे आम के बाग में करीब 25 से 30 पेटी आम का नुकसान आंधी के कारण हुआ है वहीं चौसा और अन्य किस्म के आम भी 25 फीसदी आंधी के आने से गिर गए हैं। मलिहाबाद क्षेत्र के आम व्यापारी छोटा कुमार (42 वर्ष) बताते हैं, “मैं आम तोड़कर मंडी में भेजने की तैयारी में था लेकिन आंधी के कारण बाग का दस फीसदी आम जमीन पर गिर गया है। आंधी में आम के गिरने से मंडी के दाम में करीब 50 फीसदी की गिरावट हुई है। एक साथ बड़ी मात्रा में आम मंडी में पहुंचने की वजह से आम सस्ता बिक रहा है।”  वो आगे बताते हैं, “चौसा, फजली और अन्य किस्म के आमों का करीब 25 फीसदी नुकसान हुआ है। एक बीघे में लगभग 25 से 30 पेटी आम गिर गया है।”

दुबग्गा मंडी में इस समय थोक में 25 से 30 रुपए प्रति किलो आम बिक रहा था, आंधी आने से वही आम 12-13 रुपए किलो बिक रहा है। आंधी की वजह से बागवानों को अपना आम बहुत सस्ते दामों पर बेंचना पड़ रहा है। मंडी में दशहरी का आम 1200-1500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है और देशी आम 300 से 500 रुपए प्रति क्विटंल बिका है। लेकिन चौसा अभी मंडी में नहीं बिक रहा है, जिससे चौसा के किसानों और व्यापारियों को बहुत घाटा हो रहा है। रानीपारा गाँव के किसान आलोक सिंह (23 वर्ष) के पास पांच बीघा आम की बाग है। वो बताते हैं, “आंधी आने से भारी मात्रा में आम का नुकसान हुआ है। आंधी से लगभग 12 से 15 फीसदी आम गिर गए हैं। पहले जब हम अपने बाग में जाते थे तो पेड़ों में आम दिखाई देता थे, लेकिन आंधी के आ जाने के बाद आम बाग में बहुत कम मात्रा में दिखाई देता है।” 

रिपोर्टर - सुरेन्द्र कुमार

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