आज़ादी के बाद से अब तक नहीं बने राशन कार्ड

आज़ादी के बाद से अब तक नहीं बने राशन कार्डगाँव कनेक्शन

सौजना (ललितपुर)। जनपद मुख्यालय से 55 किमी दूर पूर्व की दिशा में सौजना ग्राम पंचायत में एक ऐसा गाँव है जहां पर आज भी सैकड़ों परिवार आजादी के बाद से बिना राशन कार्ड के अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं, उनके परिवारों के सदस्यों के वोटर कार्ड तो बन गए हैं, लेकिन राशन कार्ड अभी तक नहीं बन पाएं हैं।

सौजना गाँव की आबादी लगभग 11 हजार है और इस गाँव की वोटर संख्या 5860 है, लेकिन महज इस गाँव में 1288 ही राशन कार्ड मुहैया हो पाये हैं। यहां की निवासी श्यामबाई (34 वर्ष) पत्नी देशराज से जब गाँव कनेक्शन टीम ने बात की तब श्यामबाई का कहना था, ''साहब हमाई ख्याल से 25 साले हो गई हैं, हमारो अबे तक राशन कार्ड नहीं बन पाओ। हम हर बार चुनाव में बोट तो डालत है, लेकिन कोनऊ नेता अबे तक हमाओ राषन कार्ड नहीं बना पाओ। हमाओ आदमी मजूरी करके हमरो और हमारे मोड़ी, मोडऩ को पेट पालत हैं। अबे तक इनते प्रधान बदल गये कोऊ ने हमाये राषन कार्ड की नहीं सोची।" वही मुलायम (38 वर्ष) का कहना है, ''हम अपनो परिवार को पेट मजदूरी करके पाल रहे, हमरे संगे हमाई घरवारी भी मजदूरी कर रई। हमाये चार मोड़ी, मोड़ा हैं। साहब अबे तक कोनऊ राशन कार्ड हमाये पास नाई है।"

जब सौजना गाँव के कोटेदार से बात की तो पता चला कि 644 परिवारों का राशन कोटा कोमल पत्नी मगन लाल के पास आता है और 644 परिवारों का कोटा सुरेश कुमार मिश्रा पुत्र भागीरथ मिश्रा के पास है। सोचने की बात यह है कि इतनी बड़ी ग्राम पंचायत में महज 1288 ही परिवारों को राशन कार्ड प्राप्त हो पाया। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी दलसिंह राम से बात कि तो उन्होंने बताया, ''एडीओ पंचायत और बीडीओ का काम राशन कार्ड बनवाने का है, मेरा नहीं, लेकिन फिर भी जिला अधिकारी महोदय के यहां से लिखित पत्र भेज दिया गया है कि जिनके राशन कार्ड अभी तक नहीं बन पाये हैं, उनके राशन कार्ड इस बार सर्वे कराकर बनवा दिये जायेगें।" न जाने कितनी बार इस गाँव का सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी तक सैकड़ों परिवारों के राशन कार्ड नहीं बन सकें। कई सैकड़ा परिवारों को भरोसा ही नहीं है कि इस बार भी उनका राशन कार्ड बन पायेगा।

रिपोर्टिंग - शाहिद खान

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