अब चीनी मिलों को मिलेगी अतिरिक्त वित्तीय सहायता

अब चीनी मिलों को मिलेगी अतिरिक्त वित्तीय सहायतागाँव कनेक्शन, मुख्यमंत्री, गन्ना किसान

लखनऊ। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हितों के मद्दनेजर कई फैैसले लिए गए। बैठक में गन्ना किसानों के हित में चीनी मिलों को अन्य छूट/अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। 

बैठक में गन्ना पेराई सत्र 2015-16 के लिए अनुपयुक्त प्रजाति के गन्ने के लिए 275 रुपए प्रति कुन्टल, सामान्य प्रजाति के गन्ने के लिए 280 रुपए प्रति कुन्टल तथा अगैती प्रजाति के गन्ने के लिए 290 रुपए प्रति कुन्टल राज्य परामर्शित मूल्य निर्धारित किया गया है। चीनी मिलों के वाह्य केन्द्रों से गन्ने का परिवहन मिल गेट तक कराए जाने के मद में होने वाली कटौती की दर (गत पेराई सत्र 2014-15 की भांति) 8 रुपए 75 पैसे प्रति कुन्टल रखी गई है। राज्य परामर्शित मूल्य का भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा, जिसमें से पहली किस्त 230 रुपए प्रति कुन्टल की दर से तथा दूसरी किश्त राज्य परामर्शित मूल्य के अनुसार अनुपयुक्त, सामान्य एवं अगैती प्रजाति के गन्ने के लिए क्रमश: 45, 50 एवं 60 रुपए प्रति कुन्टल की दर से होगी। 

गन्ना किसानों के हित में राज्य सरकार की ओर से अधिकतम 35 रुपए प्रति कुन्टल की दर से छूट/प्रतिपूर्ति एवं अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के स्थान पर मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना को 1 अप्रैल, 2016 से लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी बैठक में दे दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के सुचारु रूप से क्रियान्वयन के लिए यथावश्यक संशोधन हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। 

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2016 के प्राख्यापन की मंजूरी दी। इस नीति के तहत नए पर्यटक गन्तव्यों एवं कॉन्सेप्ट को चिन्हित कर उन्हें पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही मानव संसाधन विकास हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र को प्रशिक्षित कार्मिक उपलब्ध कराने हेतु बजट में पृथक से व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख पर्यटन मार्गों पर आवश्यकतानुसार मार्गीय सुविधाओं का निजी क्षेत्र के सहयोग से विकास किया जाएगा।

पर्यटन नीति के तहत प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर पर्यटक अवस्थापना सुविधाएं जैसे- जल, विद्युत, यात्री छादक, सम्पर्क मार्ग, सफाई व्यवस्था आदि को सुदृढ़ करते हुए उच्चीकृत किया जाएगा। हेरिटेज जोन्स की व्यवस्था के तहत ऐसे क्षेत्र जहां विरासत भवनों की बहुतायत हो, को हेरिटेज जोन के रूप में चिन्हित किया जाएगा। प्रदेश में स्थित पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हेरिटेज मॉन्यूमेन्ट्स, अविकसित पर्यटन स्थलों के रख-रखाव व उनके विकास के लिए विरासत विकास कोष की स्थापना की जाएगी।

बनेंगे तीन हजार नए राजकीय नलकूप

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में डॉ0 राम मनोहर लोहिया नलकूप परियोजना के तहत 3,000 नवीन राजकीय नलकूपों के निर्माण के लिए पुनरीक्षित परियोजना की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत 71145.35 लाख रुपए के व्यय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। 

इस परियोजना हेतु 7 सितम्बर, 2012 के शासनादेश द्वारा 68218.97 लाख रुपए की स्वीकृति निर्गत की गई थी। वर्तमान में विभिन्न उपकरणों के मूल्य में वृद्धि को देखते हुए परियोजना पुनरीक्षित की गई है।

सुलतानपुर में बल्दीराय नई तहसील बनी

मंत्रिपरिषद ने जनपद सुलतानपुर में बल्दीराय को नई तहसील के रूप में सृजित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। जनहित व प्रशासनिक दृष्टि से निर्धारित मानक में शिथिलीकरण प्रदान करते हुए जनपद सुलतानपुर में नई तहसील बल्दीराय, जिसका मुख्यालय बल्दीराय होगा, के सृजन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस तहसील में 70 लेखपाल क्षेत्र सम्मिलित होंगे।

 सिंधी अकादमी के कार्मिकों की अधिवर्षता आयु 60 वर्ष करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के कार्मिकों की अधिवर्षता आयु को 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। 

इटावा में अन्य वन्य जीवों के लिए बनेगा सफारी पार्क 

मंत्रिपरिषद ने वित्त विभाग के शासनादेश संख्या -5/2015/ई-8-1092/दस-2015-1074/2012 दिनांक 8 सितम्बर, 2015 में शिथिलीकरण प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को जनपद इटावा में अन्य वन्य जीवों यथा लेपर्ड, एन्टीलोप, डीयर और बीयर के लिए सफारी पार्क की स्थापना हेतु चेनलिंक फेंसिंग, आरसीसी रोड, निरीक्षण/पेट्रोलिंग मार्ग, वन्य जीवों हेतु एनीमल हाउस, डबल एंट्री गेट आदि के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था नामित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यों पर लगभग 57 करोड़ रुपये का व्यय होना सम्भावित है। परियोजना की वास्तविक धनराशि कार्यदायी संस्था द्वारा डीपीआर तैयार करने के बाद आकलित की जाएगी। उक्त शासनादेश के अनुसार परिषद के गैर मानवीकृत कार्यों की लागत सीमा 25 करोड़ रुपए निर्धारित है, इसके दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। इटावा लायन सफारी पार्क का विकास एवं विजिटर फैसलिटेशन सेण्टर का निर्माण परिषद द्वारा किया जा रहा है। परिषद के कार्य एवं अनुभव के दृष्टिगत इन कार्यों के लिए भी उसे कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।  

धरोहर स्थलों के संरक्षण को बनेगा 'आदर्श भवन उपविधि'

मंत्रिपरिषद ने धरोहर स्थलों के संरक्षण हेतु 'आदर्श भवन उपविधि' बनाए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह 'आदर्श भवन उपविधि' प्रदेश में धरोहर स्थलों को संरक्षण प्रदान किए जाने के उद्देश्य से संरक्षित स्थल के विन्यास में परिवर्तन सम्बन्धी व्यवस्था की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने में सहायक होगी। साथ ही, धरोहर सम्बन्धी मूल्यों को अच्छी प्रकार से बनाए रखने और ऐसे अवसरों की पहचान भी करने में मददगार होगी, जो वर्तमान एवं भावी पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण होंगे। 

 

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