अब महिलाओं के नाम से ही बनेंगे राशन कार्ड

अब महिलाओं के नाम से ही बनेंगे राशन कार्डगाँव कनेक्शन

लखनऊ| पंचायत चुनाव होने के बाद, ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्डो का नवीनीकरण किया जा रहा है, जिसकी ज़िम्मेदारी ग्राम प्रधान समेत ब्लॉक के अधिकारियों को दी गई है, जो राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं उसमे महिलाओं को विशेष वरीयता दी जा रही है और महिलाओं को घर की मुखिया मानते हुए राशन कार्ड उनके नाम से बनाये जा रहे हैं|

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र ग्रहस्थी सत्यापन प्रपत्र में महिला मुखिया का नाम देना अनिवार्य होगा, जो राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं उसमे पुरुषों की जगह महिला मुखिया होगी, तथा राशन कार्ड बनने के बाद राशन से संबन्धित समस्त गतविधियों पर महिला मुखिया की उपस्थिती ही मान्य होगी| प्रदेश सरकार की इस योजना से ग्रामीण  महिलाओं में खुशी की लहर है|

अगर सरकारी आकड़ों पर नजर डाले तो प्रदेश में बी पी एल के 6466676 कार्डो पर प्रदेश के 24943822 लोग लाभान्वित होते हैं| अंतोदय के 4081606 कार्डो पर 16223368 लोग जबकि ए पी एल के 27499024 कार्डो पर प्रदेश 101817116 लोग राशन प्राप्त करते है| कुल मिलाकर 38047306 कार्डो पर प्रदेश के 142984306 लोग लाभान्वित होते है|

जिला मुख्यालय लखनऊ से 45 किमी दूर माल ब्लॉक के गाँव, रानीपारा की शीला (35 वर्ष) बताती हैं, ‘‘इस बार राशन कार्ड मेरे नाम से बनेगा, जिससे हम खुश है| हमारे पति जब राशन लेने जाते हैं तो आधा राशन रास्ते में ही बेच कर शराब पी लेते हैं और जो राशन लेकर आते हैं उसका भी धौस दिखाते थे| अब वह अपने नाम के राशन कार्ड का धौस नाई दिखा पाएंगे|’’

सरकार की इस नीति से महिलाओं की समाज में स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ज़िम्मेदारी भी बढ़ जाएगी पहले जो राशन कार्ड बने थे उसमे परिवार का मुखिया पिता, या पति हुआ करते थे| लेकिन अब प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड पर मुखिया के रूप में महिला का नाम देना अनिवार्य कर दिया है| अब पति की जगह पत्नी का नाम राशन कार्ड पर दर्ज किया जाएगा| जिन पुरुषो के पत्नी नहीं है उनके राशन कार्ड पुराने मानक से ही बनेगें|

जितेंद्र प्रताप सिंह ( खण्ड विकाश अधिकारी, माल) बताते हैं, ‘‘सरकार द्वारा महिलायों को बढ़ावा देना के लिए समय समय पर नई नीतिया बनाई जाती हैं जिससे महिलाएं की समाज में स्थिति का सुधार हो रहा है|’’ वो बताते हैं, ‘‘राशन कार्ड का नवीनीकरण हो रहा है जिसके अंतर्गत अंतोदय, एपीएल, बीपीएल कार्ड को बंद करके एक ही तरीके से महिला मुखिया के नाम से नये कार्डो को बनाया जाएगा| राशन कार्ड के वही परिवार पात्र होगे जो दिये गए मानक के अंतर्गत आएंगे|’’

दिनेश शर्मा (पंचायत सचिव अमलौली) बताते है, ‘‘राशन कार्ड पर महिलाओ को मुखिया बनाने की योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की सामाजिक स्थिति में बदलाव आएगा| महिलाओं को बढ़ावा देने की प्रदेश सरकार की यह अच्छी पहल है|’’

ये होंगे बदलाव

  1. अंतोदय, एपीएल, बीपीएल कार्ड को बंद करके नए एक ही तरीके के कार्ड महिला मुखिया के नाम से बनाए जाएंगे| परिवार का मुखिया कार्ड के पात्र हैं या नहीं उसके लिए मानक निर्धारित किया जाएगा| मानक के अंतर्गत आने वाले परिवार को ही कार्ड दिया जाएगा|
  2. पाँच सदस्यीय परिवार को मान्यता दी जाएगी|
  3. कार्ड उन्ही परिवार के मुखिया का बनेगा जिसकी परिवार की वार्षिक आय दो लाख के अंदर होगी|
  4. पाँच किलो राशन परिवार के हर यूनिट को दिया जाएगा| यानी पांच सदस्यीय परिवार को 25 किलो राशन दिया जाएगा|
  5. गेहूं दो रुपए किलो और चावल तीन रुपए किलो दिया जाएगा |
  6. परिवार की महिला मुखिया का आधार नंबर और बैक अकाउंट को राशन कार्ड के साथ जोड़ा जा रहा है | जिसके जरिये भविष्य में कार्ड धारकों के अकाउंट में सब्सिडी पाहुचायी जा सके|

वर्तमान स्थिति 

  1. वर्तमान समय अंतोदय,एपीयल, बीपीयल कार्ड से कार्डधारको को कार्ड को अनूसार राशन दिया जाता था |
  2. अंतोदय कार्ड धारक को 100 रुपए में 35 किलो राशन दिया जा रहा है|
  3. बीपीएल कार्ड धारको 35 किलो राशन मिलने का प्रावधान है |
  4. एपीएल कार्ड धारक को केरोसिन तेल प्राप्त होता है|
  5. आधार कार्ड और बैक खाता न होने से आ रही है कई समस्याएँ 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम -2013 के अंतर्गत जो पात्र ग्रहस्थी प्रपत्र (ग्रामीण महिलाए) में महिला मुखिया को आधार कार्ड और बैंक अकाउंट की डिटेल देना अनिवार्य है| लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी बहुत सी महिलाए हैं जिनका आधार कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है जिससे राशन कार्ड बनवाने में महिलायों को समस्या हो रही है| साथ ही ग्रामीण महिलाओं के बैंक अकाउंट ना होने की वजह से भी परेशानी हो रही है|

रिपोर्टर - अविनाश सिंह

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