अभियान के बावजूद खुले में उड़ा रहे धुआं

अभियान के बावजूद खुले में उड़ा रहे धुआंGaon Connection

लखनऊ। दुनियाभर में तम्बाकू से संबंधित बीमारियों की वजह से हर साल क़रीब 50 लाख लोगों की मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनियाभर में 80 फ़ीसदी पुरुष तम्बाकू का सेवन करते हैं। इसके बावजूद भी लखनऊवासियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।

कुछ दिनों पहले ही लखनऊ में खुले में सिगरेट पीने वाले लोगों पर अभियान चलाकर जुर्माना लगाया गया था लेकिन आज फिर हर चौराहे पर लोग धुएं के छल्ले बनाते दिख जाएंगे। गाँव कनेक्शन संवाददाता ने जब चारबाग, तुलसी सिनेमा के सामने, जपलिंग रोड और प्राणि उद्यान तिराहे पर पड़ताल की तो कई लोग वहां खुले स्थान पर सिगरेट पीते नज़र आए।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर के धूम्रपान करने वालों में क़रीब 10 फ़ीसदी भारत में है। भारत में क़रीब 25 करोड़ लोग गुटखा, बीड़ी सिगरेट आदि के ज़रिये तम्बाकू का सेवन करते हैं । डब्ल्यूएचओ मुताबिक़ भारत में 10 अरब सिगरेट का उत्पादन हर वर्ष होता है । भारत में 72 करोड़ 50 लाख किलो तम्बाकू की पैदावार होती है। नशा उन्मूलन अभियान चला रहे मो. औसाफ बताते हैं कि इस   अभियान को शुरू हुए डेढ़ महीने हुए हैं जिससे काफी हद तक सुधार तो आया है लेकिन अभी भी कई जगह सिगरेट बेचा जा रहा है। दुकानदार जो सिगरेट बेचते हुए दिखायी दे रहे हैं उन पर 1000 रुपए जुर्माना  और जो पीते हुए दिखाई दिए उन पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर साल दुनिया में 60 लाख लोग तंबाकू से मर रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा लोग धूम्रपान की वजह से मरते हैं, यही नहीं इनमें से 10 फीसदी लोग आसपास में होने वाले धूम्रपान की वजह से मर जाते हैं। अिभयान के मुख्य अिधकारी डॉ. मयंक चौधरी बताते हैं कि मौतों का बढ़ता ग्राफ देख लोगों में काफी जागरूकता आई है लेकिन आठ से दस कक्षा के बच्चों में सिगरेट का शौक बहुत बढ़ गया है जो चिंता का विषय है। ये बच्चे केवल दिखावे के लिए सिगरेट को आदत बनाते जा रहे हैं।

रिपोर्टर - दीक्षा बनौधा

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