अच्छी पैदावर के लिए कराएं मिट्टी की जांच

अच्छी पैदावर के लिए कराएं मिट्टी की जांचgaonconnection

लखनऊ। खेत की मिट्टी की जांच कराना किसानों  की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है, इससे खेत की मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों की कमी एवं अधिकता का पता चलता है और विशेषज्ञ की सलाह लेकर मिट्टी का उपचार कर खेत को उपजाऊ बनाया जा सकता है। कानपुर देहात के मैथा ब्लॉक के बैरी दरियाव गाँव में रहने वाले राधेश्याम(40 वर्ष) बताते हैं, “ मिट्टी जाँच से अपने खेत की उर्वरकता के बारे में पता चलता है, जो हम जहरीले कीटनाशक छिड़क रहे हैं वो हमारी मिट्टी को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं, बात मिट्टी जाँच से पता चल जाती है।

विभिन्न पोषक तत्वों की कमी एवं अधिकता का पता चलता है और विशेषज्ञ की सलाह लेकर मिट्टी का उपचार कर खेत को उपजाऊ बनाया जा सकता है।

कानपुर देहात के मैथा ब्लॉक के बैरी दरियाव गाँव में रहने वाले राधेश्याम(40 वर्ष) बताते हैं, “ मिट्टी जाँच से अपने खेत की उर्वरकता के बारे में पता चलता है, जो हम जहरीले कीटनाशक छिड़क रहे हैं वो हमारी मिट्टी को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं, बात मिट्टी जाँच से पता चल जाती है।

वहीं दूसरे किसान सतीश शर्मा(35 वर्ष) बताते हैं, “हमारी फसलों में बहुत सारी बीमारियां लग जाती थी और बेहतर उपज नहीं मिल पाता था, हम इसका कारण नहीं समझ पाते थे, जिन किसानों ने मिट्टी की जाँच कराई जब उनसे बात की तो हमें पता चला कि मिट्टी की जाँच कितनी जरूरी है,हमारे आस-पास कहीं मिट्टी की जाँच होती नहीं है,अब कानपुर जाकर मिट्टी की जाँच कराएंगें।”

“मिट्टी की जाँच पौधे के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है अगर हम मिट्टी की जाँच नहीं करेंगे, तो हमें अपने खेत के बारे में पता नहीं चल पाएगा कि मिट्टी को किन पोषक तत्वों की जरूरत है बिना मिट्टी की जाँच के कीटनाशक डालने से मिट्टी के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे पैदावार पर असर पड़ने के साथ ही मिट्टी भी ऊसर होने के कगार पर पहुंच जाती हैं।” डॉ यशवंत सिंह ,गैर सरकारी संस्थान उत्थान देवरिया के बताते हैं।

मिट्टी का सही नमूना लेना 

खेत से मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि यह है कि जिस खेत से आपको नमूना लेना हो उसे भली-भांति देख लें कि खेत में मिट्टी में रंग, भारीपन, पौधे की लम्बाई उपज या और कुछ कारण से भिन्नता तो नहीं है। यदि भिन्नता हो तो हर क्षेत्र से 5-7 भिन्न स्थान से 15-20 सेंटीमीटर या एक बीता गहराई तक मिट्टी का नमूना लें। मिट्टी का नमूना लेने के लिए खुरपी या कुदाली से वी आकार का एक बीता गहरा गड्डा खोदें। गड्ढे के अंदर की सब मिट्टी निकाल दें तथा खुरपी से दो अंगुल मोटा परत ऊपर से नीचे तक खुरच लें और एक साफ कागज में जमा कर लें, इस प्रकार कई स्थानों से जमा की गई मिट्टी को अच्छी प्रकार मिलाकर छाया में सुखा लें और आधा किलो मिट्टी का नमूना थैली में भर दें।

  •  खेत के कोनों एवं मेड़ से एक मीटर अंदर के ओर की मिट्टी न लें।
  • अधिकतर समय पानी भरे रहने वाले और नाली के पास के स्थान से मिट्टी न लें।
  •  खेत की मिट्टी यदि अलग अलग है तो नमूने की मिट्टी अलग लें।
  • उर्वरक, खाद, नमक की बोरी के ऊपर मिट्टी नमूना न सुखाएं।
  •  खेत की मिट्टी में स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले कंकड़ आदि अलग न करें।
  • मिट्टी नमूना रखने के लिए नई एवं साफ पॉलीथीन का प्रयोग करें।
  • यदि खेत ऊंचहन, निचहन है और फसल अलग- अलग बोते हैं तो मिट्टी का नमूना अलग अलग लें।   

नीतू सिंह 

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