चीन ने भारतीय सफेद सरसों के तेल के आयात से प्रतिबंध हटाया

चीन ने भारतीय सफेद सरसों के तेल के आयात से प्रतिबंध हटाया

लखनऊ। अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध के चलते भारतीय किसानों को फायदा मिलना शुरू हो गया है। चीन ने भारतीय सफेद सरसों के खाद्य तेल के आयात से प्रतिबंध हटा लिया है। सोयामील से प्रतिबंध पहले ही हटाया जा चुका है।

चीन खाद्य तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सरसों खाद्य तेल ऐसा ही एक तेल है। बीजिंग ने व्यापार युद्ध के बीच अमेरिकी खाद्य तेलों पर अतिरिक्त कर लगा दिया है, जिससे वह इसे दूसरे देशों से आयात करने की सोच रहा है। एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने समाचार एजेंसियों से कहा, "चीन ने भारतीय सफेद सरसों खाद्य तेल से प्रतिबंध हटा लिया है। जब तक भारतीय कंपनियां चीनी नियमों का पालन करती हैं, वे इसे निर्यात कर सकते हैं।"

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वर्ष 2015-16 में भारत में 6820 किलो टन सफेद सरसों की पैदावार हुई थी। इसकी सबसे ज्यादा पैदावार राजस्थान में होती है। हरियाण, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और वेस्ट बंगाल में भी सफेद सरसों की अच्छी खासी पैदावार होती है। वहीं 2016-17 में भारत में 13 मिलियन टन सोयाबीन की पैदावार हुई थी। सोयाबीन पैदावार के मामले में मध्य प्रदेश अव्वल है, इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र का नंबर आता है। हालांकि बारिश के कारण इस साल सोयाबीन की पैदावार घटने की आशंका जतायी जा रही है।

बीजिंग ने 2012 में फसल में एक खास प्रकार के कीटनाशक होने की वजह से भारतीय आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। अधिकारी ने कहा कि मामला अब सुलझा लिया गया है। पिछले माह, भारतीय और चीनी सरकार ने खरीदार-विक्रेता की बैठक आयोजित करवाई थी, जिसमें भारतीय निर्यातकों ने सफेद सरसों के निर्यात के संबंध में अपना जोरदार पक्ष रखा था।

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नई दिल्ली और बीजिंग के बीच व्यापारिक संबंधों में वृद्धि देखी जा रही है। दोनों पक्षों ने गत वर्ष डोकलाम सैन्य गतिरोध के बाद रिश्ते को पटरी पर लाने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अप्रैल में बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से चीनी बाजार में भारतीय उत्पादों की अधिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कहा था।

(एजेंसियों से इनपुट)


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