अलीगंज जहरीली शराब कांड की सीबी-सीआईडी जांच की मांग

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नई दिल्ली (भाषा)। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में अलीगंज में पिछले दिनों जहरीली शराब के पीने से लोगों के मारे जाने का मुद्दा उठाते हुए लोकसभा में भाजपा के एक सदस्य ने उत्तर प्रदेश की सपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया और केंद्र से सीबी-सीआईडी जांच कराने की मांग की।

एटा से भाजपा सांसद राजवीर सिंह ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा, “पिछले पांच दिन में अलीगंज में जहरीली शराब के पीने से करीब 50 लोगों की मौत के मामले सामने आये हैं। 50-60 लोगों की आंखें खराब हो चुकी हैं और लगभग 200 लोगों की किडनी प्रभावित हुई है और उनकी जान को खतरा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में चार नकली शराब फैक्ट्री चल रही हैं जिन्हें सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी का संरक्षण प्राप्त है।

सिंह ने कहा कि उनके समेत कुछ सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में जाकर स्थिति को समझने की कोशिश की लेकिन पुलिस के डर से स्थानीय लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा, “हमें उत्तर प्रदेश सरकार से उम्मीद नहीं है और केंद्र सरकार से हम मांग करते हैं कि घटनाक्रम की सीबी-सीआईडी से जांच कराई जाए।” शून्यकाल में ही कश्मीर घाटी में हिंसा के चलते अमरनाथ यात्रा में अवरोध का मुद्दा उठाते हुए शिवसेना के चंद्रकांत खैरे ने कहा कि प्रत्येक वर्ष अमरनाथ यात्रा में अवरोध उत्पन्न किये जाते हैं और इस साल भी ऐसी ही स्थिति है।

खैरे ने कहा कि जम्मू कश्मीर की मौजूदा स्थिति में अमरनाथ गुफा मंदिर में शिवलिंग के दर्शन के लिए जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन तीर्थयात्रियों को यात्रा पूरी कराने में मदद की जाए और यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ इस तरह की व्यवस्था की जाए कि यात्रा में कभी अवरोध उत्पन्न नहीं हों। अन्नाद्रमुक के वेंकटेश बाबू और पीआर सुंदरम ने तमिलनाडु के मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना के हमलों का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से जरुरी कार्रवाई की मांग की।

अकाली दल के प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों पंजाब के एक सिख छात्र को हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में कश्मीर का बताकर पीटा गया। उन्होंने कहा, “हमारे देश में ही सिखों की पहचान नहीं होना दुख की बात है।”  उन्होंने कहा, “कश्मीर में हिंसा के दौर में क्या राष्ट्रविरोधी तत्व सारे देश को कश्मीर बना देना चाहते हैं। सरकार को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।”

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