Read latest updates about "Animal Husbandry" - Page 1

  • बरसात के मौसम में बकरियों का इस तरह रखें ध्यान, नहीं होंगी बीमारियां

    रांची(झारखंड)। बारिश के मौसम में पशुपालकों में जानकारी के अभाव में बकरियों की मृत्युदर आमतौर पर बहुत ज्यादा होती है। इस मृत्युदर को कम करने के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के राज्यस्तरीय पशु सलाहकार लक्ष्मीकांत सोनकर से गाँव कनेक्शन संवाददाता ने खास बातचीत की। झारखंड राज्य में...

  • पशुओं को जन्म के बाद दें ये आहार, बढ़ेगा उत्पादन

    लखनऊ। पशुपालक अगर शुरू में ही गाय-भैंस के बच्चों के आहार में ध्यान दे तो उनका शारीरिक और लैंगिक विकास ठीक तरह से होता है। इससे वे उचित समय पर गाभिन होते ही साथ ही उनसे अच्छा दूध उत्पादन भी होता है।"पशु मालिक बछियों और पड़ियों के शुरुआती आहार सही समय और सही मात्रा में देता है तो आगे चलकर पशुपालकों...

  • अब आप देश के किसी भी राज्य में हों इस ऐप के जरिए मंगवा सकते हैं कड़कनाथ मुर्गा

    अब मध्य प्रदेश सरकार ने कड़कनाथ की मुर्गे के लिए ऐप लॉन्च किया है। कड़कनाथ मुर्गे के काले मीट की काफी डिमांड रहती है। इसे काफी पौष्टिक और कई बीमारियों की दवा माना जाता है।एमपी कड़कनाथ मोबाइल ऐप का लक्ष्य कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे बेचने वाले राज्यों के पॉल्ट्री फॉर्म्स से जुड़ा होगा। इससे देश के...

  • वीडियो में देखें कैसे गाय-भैंस की डकार से हो रहा पर्यावरण को नुकसान

    लखनऊ। इंसानों में आने वाली डकार पाचन क्रिया सही होने का संदेश देती है, लेकिन जुगाली करने वाले जानवरों (गाय, भैंस, भेड़, बकरी) की डकार से जो मिथेन गैस निकलती है, वो वायुमंडल को नुकसान पंहुचा रही है। जुगाली करने वाले इन जानवरों की डकार को कम करने के लिए कई देशों के वैज्ञानिक काम भी कर रहे हैं।दुनिया...

  • अगर आपके पशु को सांप ने काटा है तो ये करें उपाय

    लखनऊ। बरसात के मौसम शुरू हो चुका है। बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और कई अन्य जीव भी बाहर आ जाते है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर पशुपालक अपने पशुओं को बाहर बांधते है ऐसे में पशु इसके ज्यादा शिकार होते है। सांप चूहों का शिकार करता है। बरसात में चूहे घरों में छुप जाते है जिनकी तलाश में...

  • कैरी देबेंद्र : दोहरे लाभ देने वाली वाली मुर्गे की नस्ल, 12 हफ्ते में होता है तैयार

    कम लागत में मांस और अंडे के लिए जल्दी तैयार होने वाली मुर्गी 'कैरी देबेंद्र' को अगर कोई मुर्गीपालक पलता है तो पहले की अपेक्षा उसे ज्यादा लाभ होगा। ऐसा कहना है, केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमपी सागर का।क्या है इस प्रजाति की खासियतकैरी देबेंद्र प्रजाति का मुर्गा लगभग 12...

  • Four-legged ATM cards empowering Jharkhand women

    Ramgarh (Jharkhand) । Sunita is a rich woman. She may not have ready cash or even a bank account, but she does have an ATM card. Only thing is her ATM card does not fit into any pocket. It has four feet and runs around. It is a goat. For Sunita and women like her, living in Huppu village...

  • पशुपालक तीन महीने में एक बार तीन रूपए खर्च करके बढ़ा सकते हैं मुनाफा

    खैराबाद (सीतापुर)। सरला देवी (30 वर्ष) को अब पता है कि उन्हें तीन-तीन महीने पर अपने पशु को पेट के कीड़े की दवा देनी है और दवा देने से कितना मुनाफा होगा इसके बारे में भी पूरी जानकारी है। छोटे पशुपालकों को उन्नत तरीके से पशुपालन करने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए हेस्टर और गाँव कनेक्शन ने एक मुहिम...

  • बकरियों से होने वाली कमाई को जानकर प्रधानमंत्री भी हुए हैरान, महिलाओं की प्रशंसा

    लखनऊ। देशभर की करीब एक करोड़ महिलाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जुलाई को नरेंद्र मोदी ऐप के जरिए सीधा संवाद किया था। इस संवाद में उन्होंने महाराष्ट्र के स्वयं सहायता समूह से बात की जो बकरी के दूध व लीद से कई तरह के उत्पाद तैयार करके अपनी आय बढ़ा रही हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल की रंजना ने...

  • इस राज्य की महिलाओं के लिए एटीएम हैं बकरियां

    रामगढ़ (झारखंड)। आदिवासी बाहुल्य झारखंड को जंगलों की जमीन भी कहा जा सकता है। पहाड़ियों के नीचे यहां कोयला, अभ्रक, लोहा जैसी खनिज संपदा है तो ऊपर कुदरत ने खूब हरियाली दी है। झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं हैं। और इन महिलाओं के लिए बकरियां और मुर्गियां एक तरह से एटीएम हैं, यानि ऐनी...

  • वर्मी कंपोस्ट से भी अच्छी होती है मुर्गियों की बीट की खाद, जानिए फायदे

    मुर्गी की बीट से बनी खाद सस्ती होने के साथ ही फसलों के लिए गुणकारी भी है। ये पूरी तरह जैविक तो होता ही है, इससे पैदावार भी बढ़ जाती है।खेती-किसानी घाटे का सौदा होता जा रहा है। किसानों का मुनाफा घटता जा रहा है। ऐसे में मुर्गी पालन से आप एक नहीं, अनेक फायदे कमा सकते हैं। यानी आम के आम, गुठलियों के...

  • पशुओं के ब्याने के बाद मिल्क फीवर और कीटोसिस बीमारियों का खतरा

    लखनऊ। पशुपालकों को अपने पशुओं के गाभिन होने के समय सबसे अधिक देखभाल की जरुरत पड़ती है। पशुओं के गाभिन होने के बाद उनमें बीमारियां फैलना आम हो जाता है। मिल्क फीवर और कीटोसिस नामक बीमारियां दुधारु पशुओं के गर्भधारण के बाद ही उत्पन्न होती है। ''पशुओं में मिल्क फीवर होना, जेर का समय से न निकलना या...

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