मछली पालन शुरू करने जा रहे हैं तो इस वीडियो को जरूर देखिए

लखनऊ। मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसको कम जगह और कम लागत लगाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। कई बार मछली पालक इस व्यवसाय को शुरू तो कर देते है लेकिन पूरी जानकारी न होने से उनको इससे बहुत नुकसान भी उठाना पड़ता है।

मछली पालन व्यवसाय को शुरू करने और तालाब का निर्माण करते समय अगर मछली पालक कुछ बातों को ध्यान रखें तो कम घाटा होगा। मछली शुरू करने से पहले किन बातों को ज्यादा रखना चाहिए, जिससे मछली पालकों को घाटा न हो इसके बारे में मत्स्य विभाग के तालाब उत्पादन विशेषज्ञ नरेंद्र दुबे बताते हैं, ''मछली पालन के लिए सबसे पहले जमीन का चुनाव होना चाहिए। अगर अपनी निजी ज़मीन पर मछली पालन शुरू करना चाह रहे हैं तो उसको अपनी ज़मीन की मिट्टी की जांच करा लेनी चाहिए।''


भारत में मत्स्य व्यवसाय बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कम लागत से शुरू होने वाले इस व्यवसाय से देश के डेढ़ करोड़ लोग आजीविका जुड़ी हुई है। सभी प्रकार के मछली पालन (कैप्चर एवं कल्चर) के उत्पादन को साथ मिलाकर 2016-17 में देश में कुल मछली उत्पादन 11.41 मिलियन तक पहुंच गया है।

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''अगर तालाब की मिट्टी सीपेज मिट्टी,बलुई तो वहां पर मछली पालन करना संभव नहीं है जो ग्राम समाज के तालाब है अगर उसमें किसी का पट्टा हो जाता है। तो उसमें जांच कर लें कि तालाब के अंदर आंवछनीय मछली न हो वरना जो भी मछली के बच्चे डाले जाऐंगे वह उसे खा लेंगी।'' जानकारी देते हुए दुबे ने बताया, ''मछली पालन शुरू करने से पहले तालाब को पूरा साफ करना चाहिए उसे 10 से 15 दिन तक सूखने देना चाहिए और चूना डालना चाहिए। चूने के बाद उसमें गोबर की खाद डालनी चाहिए फिर उसके तीन से चार दिन के बाद उसमें मत्स्य बीज का संचय करना चाहिए।''


इन बातों का भी रखें ध्यान-

  • मछली पालकों को तालाब का चयन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि तालाब के पास ही पानी की पूरी व्यवस्था हो ताकि तालाब को भरने में दिक्कत न हो।
  • तालाब को साफ करते समय यह देख ले कि उसमें कीड़े-मकोड़े, मेढ़क, केंकड़े आदि न हो।
  • मछली पालन शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच करा लें, दोमट मिट्टी वाले तालाब का चयन करें।
  • तालाब को इस तरह से तैयार करें जिसमें कम से कम 5-6 फुट तक पानी भरा रहे।
  • अगर तालाब में जलीय खरपतवार या पौधे हों तो उन सभी को हटा देना चाहिए। ये जलीय पौधे तालाब की मिट्टी और पानी में उपलब्ध भोजन और पोषक तत्वों को कम कर देते हैं।
  • वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू करें इससे मछली पालकों को लाभ होगा।


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  • मछली पालन शुरू करने से पहले मछली पालक प्रशिक्षण जरूर लें।
  • अगर आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो तालाब को अच्छी तरह साफ कर ले।
  • तालाब को इस तरह बनवाए की जहां धूप और हवा अच्छी तरह आती हो।
  • पानी को साफ रखना बहुत जरूरी है जिससे मछलियों को बराबर मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके क्योंकि ऑक्सीजन न मिलने से मछलियां मर जाती है।
  • समय-समय पर मछलियों की जांच करते रहे क्योंकि सर्दी के मौसम में मछलियों में बीमारियां ज्यादा फैलती है।
  • मछली पालन शुरू करने के लिए अच्छी नस्ल का चुनाव करें।



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