अपात्रों के हिस्से में जा रहा पात्र गृहस्थियों का राशन

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उन्नाव। असोहा विकास खंड की दर्जनों ग्राम पंचायतों में कोटेदार और पूर्ति विभाग की मिलीभगत से अंत्योदय और बीपीएल कार्डधारकों के आधे से अधिक लाभार्थियों के नाम काटकर आपात्र लोगों के नाम जोड़ दिए गए हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ न मिलने पर लाभार्थी तहसील और पूर्ति विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन सुनवाई न होने से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

विकास खंड की ग्राम पंचायत असावर के कई लाभार्थियों ने इस संबध में एसडीएम को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत के 89 अंत्योदय कार्ड धारकों में से पचास कार्ड धारकों के नाम कोटेदार द्वारा गलत तरीके से काटने का आरोप लगाया। 

लाभार्थियों की शिकायत थी कि कोटेदार ने अपात्र लोगों के नाम जोड़ दिए हैं। यहीं नहीं कोटेदार द्वारा पात्र गृहस्थी सूची से भी पात्र लाभार्थियों के नाम काटकर अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार के जेठ ही ग्राम पंचायत के प्रधान हैं, जिससे शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शिकायत करने पहुंचे छोटेलाल चौरसिया, देवेश सिंह, गुरुनारायण, विनोद कुमार, बेचालाल, सूरजपाल, महेश प्रसाद, रामकली, रामरति, विनय ने बताया कि 15 जून को राशन के लिए जब वह कोटेदार के पास गए तो कोटेदार ने अभद्रता करते हुए उन्हें भगा दिया। यही नहीं, गाँव में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सात जून को होने वाली खुली बैठक भी नहीं हुई। 

असोहा विकासखंड में यह ग्राम पंचायत तो मात्र एक उदाहरण है। इसके साथ ही दर्जनों ऐसी ग्राम पंचायते हैं, जहां कोटेदारों की मिलीभगत से अपात्रों का खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयन कर लिया गया है। मृतकों के नाम भी सूची से नहीं अलग किए गए हैं। कोटेदारों की मनमानी पर पूर्ति निरीक्षक अब्दुल नशीर ने बताया की मामले की शिकायत मिली थी। कोटेदार सुषमा को आरोप पत्र भेजा गया है। ज़वाब मिलने के बाद ही कार्रवाई की जायेगी।

मृतकों को बांट दिया राशन

हसनगंज(उन्नाव)। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद कार्ड के सत्यापन करने के लिये  खुली बैठक आयोजित हुई। ब्लाक क्षेत्र के रानी खेड़ा खालसा में हुई खुली बैठक में कोटेदार द्वारा अनियमतिता बरतने का खुलासा हुआ। ब्लॉक हसनगंज के समाज कल्याण अधिकारी मनमोहन ने कार्डों का सत्यापन करते हुए पाया कि कोटेदार द्वारा मृत लोगों के नाम राशन वितरण किया जा रहा था। 

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