Arun Mishra

Arun Mishra

Swayam Desk स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट, देवां (बाराबंकी) उत्तर प्रदेश


  • ड्रैगन फ्रूट: एक बार लगेगी लागत, 25 साल तक मुनाफा

    बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। खेती में नए-नए प्रयोग कर अलग पहचान बनाने वाले बाराबंकी के प्रगतिशील किसान गया प्रसाद ने इस बार मध्य अमेरिका के फल 'ड्रैगन फ्रूट' की खेती शुरू की है। इस फसल में केवल एक बार निवेश के बाद पारंपरिक खेती के मुकाबले लगभग 25 वर्षों तक इससे आमदनी हो सकती है। उत्तर प्रदेश में...

  • मुनाफे की खेती बन रही है ब्रोकली, ऐसे कर सकते हैं खेती 

    अरुण मिश्रा, गाँव कनेक्शनविशुनपुर (बाराबंकी)। फूलों की खेती में अलग पहचान बनाने वाले बाराबंकी के ये किसान हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहते हैं, इस बार उन्होंने ब्रोकली की खेती शुरू की है।बाराबंकी मुख्यालय से 20 किमी दूर फतेहपुर ब्लॉक के मोहम्मदपुर निवासी गयाप्रसाद गुलाब की खेती के लिए मशहूर है।...

  • विलुप्त होते व्यवसाय को मिट्टी के खिलौनों ने दी रफ्तार

    आधुनिकता के इस दौर में मिट्टी के बर्तनों के विलुप्त होते व्यवसाय को मिट्टी के खिलौनों ने नया व्यवसाय दिया है। देवा मजार पर इनकी काफी मांग के चलते कई परिवारों को रोजगार का जरिया मिला है।बाराबंकी मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर कस्बा देवा के मजार रोड पर मिट्टी के खिलौने बनाकर बेचने का कार्य व्यापक स्तर...

  • अब घर-घर पहुंचती है पोर्टेबल आटा चक्की

    विशुनपुर (बाराबंकी)। अब ग्रामीणों को गेहूं लेकर गाँव से दूर पिसवाने जाने की जरूरत नहीं होगी। बदलते दौर में अब आटा पीसने की मशीन घर-घर पहुंच रही है जिसके चलते जहां लोगों को काफी सुविधा हुई, वहीं समय की भी बचत हो रही है।यह मशीन बिहारनगर के अर्जुन ने बनाई है। अर्जुन (28 वर्ष) बताते हैं, ‘आटा पीसने की...

  • किसानों को फायदा : कंपनियां ही किसानों से खरीद लेती हैं ककड़ी के बीज

    बाराबंकी। ककड़ी के बीजों का उत्पादन करने वाले किसान आजकल काफी खुश हैं। वजह यह है कि किसानों को बीज बेचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। ककड़ी के उन्नत बीज की बुवाई से लेकर उसे दोबारा बाजार में भेजने तक, सब कुछ एक तयशुदा करार के तहत होता है।आसान शब्दों में कहें तो बीज कंपनियां किसानों को पहले से...

  • बिहार के कृषि मंत्री ने बाराबंकी में देखी फूलों की खेती  

    विशुनपुर (बाराबंकी)। बिहार के कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार ने देवा ब्लॉक के दफेदारपुरवा गाँव पहुंचकर प्रगतिशील किसान मोइनुद्दीन के फार्म हाउस पर लगे विदेशी जरबेरा और ग्लेडियोलस फूलों की खेती देखी। उन्होंने मोइनुद्दीन से फूलों की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी ली।ये भी पढ़ें: यूपी : बाराबंकी...

  • देवा मेले में चूड़ियों के थोक बाजार में बढ़ने लगी रौनक

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कविशुनपुर (बाराबंकी)। विश्व प्रसिद्ध देवा मेला की औपचारिक शुरुआत 6 अक्टूबर को होने के साथ ही मेले में लगने वाले विभिन्न बाजार भी सज कर तैयार हो गए हैं। देवा मेला का चूड़ियों का थोक बाजार चूड़ियों की एक से बढ़कर एक वैराइटियों से भरा पड़ा है। यहां जरुरत की हर चूड़ियाँ वाजिब दामों पर...

  • 51 लाख रुपए का है ये घोड़ा, पशु मेले में बना आकर्षण का केंद्र

    स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट्विशुनपुर(बाराबंकी)। सुविख्यात हाजी वारिस के पिता दादा मियां की याद में लगने वाले दस दिवसीय मेले का शुभारम्भ आज से हो गया है। यह मेला पशु बाजार के लिए भी प्रसिद्ध है। इस बार यहां पर सभी के आकर्षण का केन्द्र 51 लाख का घोड़ा बना है।यहां एक से बढ़ कर एक घोड़े, भैंस, ऊंट आदि...

  • खेती में घाटा हो रहा था, बाग लगा दिया, एक हजार अमरुद के पौधों से 4 लाख की होती है कमाई

    विशुनपुर (बाराबंकी)। रमेश चंद्र वर्मा की बाग में करीब एक हजार अमरूद के पेड़ हैं, जिससे वो साल में करीब 4 लाख रुपये कमाते हैं। मेंथा के गढ़ बाराबंकी में फूल, सब्जी और बागवानी का काम तेजी से बढ़ा है।परम्परागत खेती जैसे धान, गेहूं, गन्ना, जैसी फसलो में बढ़ते मौसमी जोखिम के चलते अब किसान खेती के नए...

  • बाराबंकी में लहलहा रही कलकतिया गेंदा की खेती 

    स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्टविशुनपुर ( बाराबंकी)। मौसमी जोखिम के चलते किसानों के लिए कयी फसलों की परम्परागत खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रही है। अब इससे बचने के लिए जिले के कयी किसान परम्परागत खेती से हटकर फूलों की खेती करने लगे हैं। किसानों ने इसे लेकर बहुत हद तक आशा भी व्यक्त की है कि यह उनके लिए...

  • किसानों के लिए सुरक्षित है मेंथा पेराई की ये आधुनिक टंकी  

    स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्टविशुनपुर (बाराबंकी)। मेंथा पेराई के सीजन के दौरान आए दिन टंकी फटने से दुर्घटना होती रहती है। केवल बाराबंकी जिले में बीते दिनों में मेंथा टंकी फटने से तीन लोगों को मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। ऐसे में आधुनिक टंकी मेंथा पेराई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में...

  • मौरंग और बालू की कीमतों में उछाल से रुका विकास कार्य

    बाराबंकी। प्रदेश में नई सरकार ने खनन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी। ऐसे में पूरे प्रदेश में होने वाला विकास कार्य पूर्ण रूप से रुक गया है। जहां कुछ महीने पहले मौरंग के दाम 40 से 45 रुपये प्रति वर्ग फीट थे, वहीं अब मौरंग के दाम 150 से 200 रुपये प्रति वर्ग फीट हो गए है। बाजार में मौरंग व बालू है ही...

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