बाजार में खुश्बू बिखेर रही आंध्रा की दशहरी

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लखनऊ। राजधानी के बाजारों में दशहरी ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। बाजार में यह फल 150 से 190 रुपए किलो तक बिक रहा है। फिलहाल इस दशहरी में मलिहाबादी दशहरी जैसा स्वाद नहीं मिलेगा। बाजार में मिल रही दशहरी दक्षिण भारत से आ रही है। 

मलिहाबादी दशहरी से पहले लखनऊ के बाजार में आंध्र प्रदेश की दशहरी आ गई है। हालांकि यह शहर के खास फल बाजार के चुनिंदा दुकान पर मिल रही है। शहर के अमीनाबाद, एचएएल, नरही, आलमबाग, गोमतीनगर पत्रकारपुरम, निशातगंज, चौक फल बाजार में ही यह दिखाई दे रही है। निशातगंज फल बाजार के दुकानदार मनोज कुमार ने बताया, “आंध्र प्रदेश के वारांगल से आ रही है। इसके अलावा तेलंगाना से भी इसकी आपूर्ति हो रही हैं।” 

बाजार में आकार में छोटी दशहरी 150 से 190 रुपए किलो के भाव से बिक रही है। नवीन मंडी के थोक कारोबारी विवेक कुमार सोनकर ने बताया, आंध्र प्रदेश से इसकी आपूर्ति रोजाना एक टन के करीब हो रही है। कम आपूर्ति का कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि महंगी होने के कारण इसे कम मंगवाया जा रहा है। जिले के अभिजात वर्ग में ही इसकी मांग है। 

इसी मंडी से सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली और आसपास के जिलों में आपूर्ति हो रही है। उन्होंने आगे बताया, “तेलंगाना व आंध्र प्रदेश से बादाम और महाराष्ट्र के रत्नागिरी से हापुस (अलफांसो) किस्म के आम की ज्यादा आपूर्ति हो रही है। 20 मई तक बादाम किस्म का आम प्रदेश के बाजारों में बना रहेगा। जेष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल को दशहरी की सीप (दशहरी के बाग का पका आम) चढ़ाने के बाद बाजार में दशहरी आ जाएगी। 

जालसाज भी सक्रिय 

फल बाजार में आंध्र प्रदेश आ चुकी है। फल कारोबारी भी उपभोक्ताओं को ठगने में जुट गए है। कुछ दुकानदार मलिहाबाद की अपरिपक्व दशहरी को पका कर आंध्र प्रदेश की दशहरी बता कर बेच उपभोक्ताओं से ठगी कर रहे है। उपभोक्ता इसकी आसानी से पहचान कर सकते है। खरीदने से पहले उपभोक्ता दशहरी को कटवा कर देख लें कि उसमें गुठली जाली के साथ है, तभी उसे खरीदें। आंध्र प्रदेश की दशहरी में जाली पड़ चुकी है। 

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