बारिश के मौसम में खुद को एलर्जी से बचा कर रखें

बारिश के मौसम में खुद को एलर्जी से बचा कर रखेंगाँव कनेक्शन

लखनऊ। आज कल की बदलती जीवनशैली के कारण एलर्जी या अति संवेदनशीलता से बढ़ती हुई समस्या है। कभी-कभी एलर्जी गंभीर परेशानी में भी बदल जाती है जब हमारा शरीर किसी पदार्थ के प्रति अति संवेदनशीलता दर्शाता है तो इसे एलर्जी कहा जाता है और जिस पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया दर्शाई जाती है उसे एलर्जन कहा जाता है l एलर्जी के कारण और इससे बचने के उपाय के बारे में बता रहे हैं लखनऊ के जनरल फीजिशियन डॉ अनिल त्यागी---

एलर्जी  के कारण

एलर्जी किसी भी पदार्थ से, मौसम के बदलाव से या आनुवंशिकता जन्य हो सकती है एलर्जी के कारणों में धूल, धुआं, मिट्टी पराग कण, पालतू या अन्य जानवरों के संपर्क में आने से, सौंदर्य प्रशाधनों से, कीड़े बर्रे आदि के काटने से, खाद्य पदार्थों से और कुछ अंग्रेजी दवाओ के उपयोग से एलर्जी हो सकती है सामान्तया एलर्जी नाक, आंख, श्वसन  प्रणाली, त्वचा और खान-पान से सम्बंधित होती है किन्तु कभी कभी पूरे शरीर में एक साथ भी हो सकती है जो की गंभीर हो सकती है l

एलर्जी के लक्षण

नाक की  एलर्जी- नाक में खुजली होना, छीकें आना, नाक बहना, नाक बंद होना या बार बार जुकाम होना आदि l

आंख की एलर्जी- आंखों में लालिमा, पानी आना, जलन होना, खुजली आदि l

सांस की एलर्जी- इसमें खांसी ,सांस लेने में तकलीफ और अस्थमा जैसी गंभीर समस्या हो सकती  है l

त्वचा की एलर्जी- त्वचा की एलर्जी बहुत आम है और बारिश के मौसम में त्वचा की एलर्जी ज्यादा होती है त्वचा की एलर्जी में त्वचा पर खुजली होना, दाने निकलना, एक्जिमा, पित्ती  उछलना आदि होता है l

खान पान से एलर्जी- बहुत से लोगों को खाने पीने की चीजों जैसे दूध, अंडे, मछली, चॉकलेट  आदि से एलर्जी होती है l

शरीर की एलर्जी- कभी-कभी कुछ लोगों में एलर्जी से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है और सारे शरीर में एक साथ गंभीर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए l

अंग्रेजी दवाओं से एलर्जी- कई अंग्रेजी दवाएं भी एलर्जी का कारण बन जाती हैं जैसे पेनिसिलिन का इंजेक्शन जिसका रिएक्शन बहुत खतरनाक होता है और कई बार इसके कारण मौके पर ही मौत हो जाती है इसके अलावा दर्द की गोलियां, सल्फा ड्रग्स और कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी सामान्य से गंभीर एलर्जी के लक्षण उत्पन्न कर सकती हैं l

मधु मक्खी ततैया आदि का काटना -इनसे भी कुछ लोगों में सिर्फ त्वचा की सूजन और दर्द की  परेशानी होती है जबकि कुछ लोगों को इमरजेन्सी में जाना पड़ जाता है l

एलर्जी से बचाव

  • एलर्जी से बचाव ही एलर्जी का सर्वोत्तम इलाज है इसलिए एलर्जी से बचने के लिए इन उपायों का पालन करना चाहिए। 
  • य़दि आपको एलर्जी है तो सर्वप्रथम ये पता करें की आपको किन किन चीजों से एलर्जी है इसके लिए आप ध्यान से अपने खान पान और रहन सहन को देखेंl
  • घर के आस-पास गंदगी ना होने दें  l
  • घर में अधिक से अधिक खुली और ताजा हवा आने रास्ता रखेंl
  • जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है उन्हें न खाएं l
  • एकदम गरम से ठन्डे और ठन्डे से गरम वातावरण में ना जाएं l
  • बाइक चलाते समय मुंह और नाक पर रुमाल बांधे, आंखों पर धूप का अच्छी क़्वालिटी का चश्मा लगाएं l
  • गद्दे, रजाई, तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय समय पर गरम पानी से धोते रहे l
  • रजाई, गद्दे, कम्बल आदि को समय समय पर धूप दिखाते रहे l
  • पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें l
  • ज़िन पौधों के पराग कणों से एलर्जी है उनसे दूर रहे l
  • घर में मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें समय समय पर साफ सफाई करते रहे l
  • धूल मिट्टी से बचें ,यदि धूल मिटटी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाए तो फेस मास्क पहन कर काम करेंl

आयुर्वेद में इलाज

नाक की एलर्जी- जिन लोगों को नाक की एलर्जी बार बार होती है उन्हें सुबह भूखे पेट 1 चम्मच गिलोय और 2 चम्मच आंवले के रस में 1 चम्मच शहद मिला कर कुछ समय तक लगातार लेना चाहिए इससे नाक की एलर्जी में आराम आता है। जिन्हें बार बार त्वचा की एलर्जी होती है उन्हें मार्च अप्रैल के महीने में जब नीम के पेड़ पर कच्ची कोंपलें आ रही हों उस समय 5-7 कोंपलें 2-3 कालीमिर्च के साथ अच्छी तरह चबा चबा कर 15-20 रोज तक खाना त्वचा के रोगों से बचाता है। सभी एलर्जी जन्य रोगों में खान पान और रहन-सहन का बहुत महत्व है इसलिए अपना खान-पान और रहन-सहन ठीक रखते हुए यदि ये उपाय अपनाएंगे तो अवश्य एलर्जी से लड़ने में सक्षम होंगे और एलर्जी जन्य रोगों से बचे रहेंगे।

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