बारिश में टापू बन जाएगी राजधानी

बारिश में टापू बन जाएगी राजधानीgaonconnection

लखनऊ। पिछले तीन दिन पहले रुक-रुक कर हुई तेज बारिश में राजधानी के कई जगहों में जलभराव की स्थिति रही। जलभराव का मुख्य कारण बदहाल नाले रहे। 

बारिश से पहले ही गंदगी से अटे नालों में बरसाती पानी का निकास नहीं हो पाया। जिस कारण बारिश के समय लोगों को जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। जिससे फोरलेन को भी काफी नुकसान पहुंचने के साथ ही दुकानों में पानी घुसा। इन हालातों के बाद भी शहर में बरसाती नालों की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।

बरसाती नाले भी पूरी तरह जर्जर हाल में हैं। अमीनाबाद और त्रिवेणीनगर समेत कई नालों में गंदगी के ढेर लगे हैं। पानी निकासी का रास्ता नहीं है। कई जगह तो नाले टूटे हुए हैं। इनका सुधार नहीं करवाया जा रहा। नालों की सफाई नहीं होने से साथ लगते सड़क मार्ग को भी बरसाती जलभराव से नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।

नालों के लिए लाखों खर्च, लेकिन परिणाम शून्य

पानी निकासी के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद भी शहर को आने वाले मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से जूझना पड़ सकता है। विभागीय अनदेखी के चलते शहर के बदहाल नाले किसी बड़ी तबाही का कारण बन सकते हैं। मानसून सिर पर होने के बावजूद भी विभाग द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिए जाने से लगता है कि विभाग को इससे कोई सरोकार नहीं। पानी निकासी के नाम पर केवल नाले बनाना ही उनकी जिम्मेदारी में आता है। इसके बाद नालों की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।

नहीं लगे हैं स्लैब

अमीनाबाद में रहने वाले रमेश उपाध्यय (48 वर्ष) बताते है कि नगर निगम विभाग द्वारा नालों का निर्माण करवा दिया गया। लेकिन इन्हें ढकने के लिए स्लैब इत्यादि नहीं लगाए गए। जिससे शहर की सड़कों की गंदगी इन नालों में जमा हो रही है। साथ ही कुछ दुकानदार भी अपने यहां सफाई कर नालों में कूड़ा-कर्कट डाल देते हैं। जिससे नालों में पानी निकासी बाधित है। 

रिपोर्टर - सतीश कुमार सिंह

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