ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचना है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है

कई बार ऐसा होता है कि आपसे फोन पर आपके बैंक की डिटेल मांगी जाती है। व्हाट्सऐप और फेसबुक का गलत इस्तेमाल हो जाता है। इन सभी के बचाव के बारे में बता रहे हैं साइबर सेल के नोडल अधिकारी अजय कुमार सिंह...

लखनऊ। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ती वैसे-वैसे साइबर क्राइम का मायाजाल बढ़ता जा रहा है। आए दिन बैंक फ्रॉड, व्हाट्सऐप, फेसबुक फ्रॉड सामने आते जा रहे हैं। इस पर साइबर सेल तेजी काम भी कर रही है और ऐसे अपराध करने वालों को जेल का रास्ता भी दिखा रही है। साइबर क्राइम और उनसे बचाव पर हमने बात की साइबर सेल के नोडल अधिकारी और क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र से।

अभय कुमार मिश्र ने बताया, "मुख्य रूप से साइबर क्राइम के जो मामले सामने आते हैं उसमें इनका दो तीन तरीके से बहीकरण किया जा सकता है। बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया, मेल फीसिंग और इन्टरनेट कालिंग के माध्यम से साइबर क्राइम होते हैं। सबसे ज्यादा जो घटनायें सामने आती हैं वो बैंकिंग फ्रॉड को लेकर आती हैं। फोन के द्वारा इन घटनाओं को ज्यादा अंजाम दिया जाता है। आपके पास फोन आता है कि मै इस बैंक से बोल रहा हूँ आपका एटीएम बंद होने वाला है इसलिए आपका उसका पिन बताइए। ऐसे में सभी लोगों को यह सावधानी रखनी होगी कि कोई भी बैंक आपसे फोन करके आपका पिन आपका, एटीएम नम्बर नहीं मांगता है। आपके पास ऐसी कोई भी कॉल आती है तो कभी भी उसे अपनी डिटेल न दें और संबंधित थाने को, सर्विलांस टीम को या साइबर सेल को सूचित करें ताकि उस व्यक्ति को पकड़ा जा सके।"

"इसके अलावा जो दूसरा बैंक फ्रॉड होता है वह एटीएम के माध्यम से होता है, जब कभी हम एटीएम से पैसा निकालने के लिए जाते हैं कई बार अपराधी स्कीमर नाम का अटैचमेंट एटीएम में लगा देते हैं, जो आपके डेटा को रीड कर लेता है। एटीएम में कार्ड इन्सर्ट करते हैं तब वहां एक बार हाथ से चेक कर लें कि कहीं कोई अटैचमेंट तो लगा नहीं है अगर लगा हुआ है तो सम्बंधित गार्ड या बैंक को सूचित करें। इसके अलावा जब कभी भी हम पिन एटीएम में डालते हैं तब आप एक हाथ से पिन डालिए और दूसरे हाथ से पिन को छिपाएं। इससे आपका पिन कोई कैमरे से द्वारा भी देख नहीं पाए।" अभय कुमार मिश्र ने बताया।

अभय कुमार मिश्र, नोडल अधिकारी, साइबर सेल

ये भी पढ़ें- देखिए कैसे हजारों छात्र-छात्राओं और लोगों को सिखाया सोशल मीडिया पर मुसीबत से बचने के तरीके

"एक बहुत बड़ी गलती यह है कि जब एटीएम जाते हैं तब अगर कोई व्यक्ति पैसे निकाल रहा है तो हम उसके पीछे लग जाते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई गार्ड है उससे तुरंत बोलें कि केवल एक ही व्यक्ति को एक बार जाने दें। आपकी खुद की भी जिम्मेदारी है कि जिस वक्त आप पैसे निकाल रहे हैं आपका प्रोसेस कोई भी न देखे। कई बार ऐसा होता है लोग आपसे जान-बुझ कर टकरा जाते हैं, जिससे आपका एटीएम गिर जाये या किसी भी तरीके से आपका एटीएम चेंज करके आपका पिन पीछे खड़े होकर देख लेते हैं फिर बाद में वो आपका पैसा आसानी से निकाल लेते हैं।" अभय कुमार मिश्र बताते हैं।

तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम

आंकड़ो पर नजर डालें तो राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (सीर्इआरटी-इन) ने इस बार में रिपोर्ट तैयार की है। वर्ष 2014 में साइबर सुरक्षा के 44,679 मामले देखने को मिले थे। वर्ष 2015 में इस तरह के 49,455 मामले सामने आए। वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 50,362 हो गया। वर्ष 2017 में इनकी संख्या बढ़कर 53,081 हो गर्इ।

सोशल मीडिया पर खुद को रखें सुरक्षित

सोशल मीडिया बचाव के बारे में अभय मिश्र बताते हैं, "सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सऐप...) के माध्यम से भी आप साइबर क्राइम का शिकार हो जाते हैं। फेसबुक पर आपको यह सावधानी बरतनी है कि जिन फोटो को आप पब्लिक शो पर लगा देते हैं उनको एडिट करके मनचाहा रूप देकर ब्लैकमेल किया जा सकता है। इसके अलावा आपको अपना हर एक पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहना चाहिए, जिससे आप सुरक्षित रह सकें। व्हाट्सऐप पर भी लोग नम्बर को हैक कर पा रहे हैं उससे आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। इसके लिए आप व्हाट्सऐप के टू स्टेप वैरीफिकेशन फीचर को शुरू कर लें।"

ये भी पढ़ें- सोशल मीडिया के हैं कई फायदे, बस ये बातें ध्यान रखनी होंगी

भारत में 34.27 करोड़ इंटरनेट यूजर

भारत में इंटरनेट यूजर की संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। लोकसभा में पेश एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक, भारत में वर्ष 2015 के मुकाबले वर्ष 2016 में 13 प्रतिशत इन्टरनेट यूजर बढ़े हैं। वर्ष 2016 के मार्च तक भारत में इंटरनेट यूजर की संख्या 34.27 करोड़ थी, जबकि वर्ष 2015 के मार्च महीने में यह संख्या 30.24 करोड़ थी।

फर्जी मेल से सावधान

मेल की सच्चाई के बारे में अभय मिश्र ने बताया, "कभी भी आपको कोई मेल आपके पास आती है, जिसमें आपसे आपकी जानकारी मांगी जाती है उस मेल की सच्चाई जानने की कोशिश करें। अगर आपको आपकी बैंक या कम्पनी मेल आईडी की जानकारी नहीं है तो गूगल पर जाकर चेक कर लें। इसके अलावा आप कोई भी वेबसाइट ऑपरेट कर रहे हैं अगर उसपर एचटीटीपीएस और हरे रंग का का लॉक बना हो तभी प्रयोग करें। लाल रंग के लॉक वाली वेबसाइट का प्रयोग न करें। इन वेबसाइट से वायरस आपके मोबाइल या सिस्टम में आ जाते हैं, जिससे आपका डेटा चोरी होने की सम्भावना रहती है।"

बच नहीं पायेंगे अपराधी

"हमारी जो साइबर क्राइम सेल है, सर्विलांस टीम है और थाने की जो टीम हैं साइबर क्राइम पर निगरानी रखते हैं। साइबर क्राइम से जुड़े जो भी मामले आते हैं उसपर तत्परता से हम कार्यवाई करते हैं। साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों को ये चेतावनी है कि जो ऐसे काम कर रहे हैं इसपर हम लोग तेजी से काम कर रहे हैं पकड़े जाने पर उनपर कठिन से कठिन कार्यवाई की जाएगी। अभी जैसे हमने पुराने कई मामले एटीएम के पकड़े थे उनपर सम्बंधित धाराएं तो लगाई ही गई इसके अलावा हम उनपर गैंगस्टर की कार्यवाई कर रहे हैं। इसके अलावा जो भी अपराधी पकड़े जाते हैं उनके उपर भी गैंगस्टर की कार्यवाई के साथ कठोर विधिक कार्यवाई की जाएगी।" अभय कुमार मिश्र ने बताया।

Share it
Top