बच्चे के अंगूठे चूसने की आदत को न लें हल्के में

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लखनऊ। अक्सर माता-पिता बच्चे के अंगूठा पीने की आदत से परेशान हो जाते हैं। बच्चे 3 से 6 महीने की उम्र के भीतर ही अंगूठा पीना शुरू कर देते हैं। चार साल की उम्र होने तक ज्यादातर बच्चे इस आदत से निजात पा लेते हैं। 

अगर बच्चा 6 वर्ष के उपरान्त भी अंगूठा पीता है तो आप इसे बच्चे की बचकानी हरकत नहीं समझें, बल्कि इस आदत की वजह तलाशने का प्रयास करें। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. रूपा शर्मा बताती हैं, “मानसिक असुरक्षा, माता-पिता द्वारा बच्चों के प्रति स्नेह व प्रेम की कमी की वजह से कुछ बच्चे इस आदत का शिकार होते हैं। कुछ बच्चों में ये आदत 12 से 15 साल की उम्र तक भी चल सकती हैं।”

क्या होते हैं नुकसान

अधिकतर बच्चे इस आदत से 4 साल के बाद ये आदत छोड़ देते हैं लेकिन जैसे ही स्थाई दांत निकलने शुरू होते हैं कई परेशानियां होने लगती हैं

- नए निकलने वाले दांत अंगूठे के दबाव से उबड़-खाबड़ निकलते हैं।

- ऊपर व नीचे के आगे के दांतों के बीच जगह रह जाती है।

- ऊपर के दांत बाहर की ओर उभरे हुए या निकले हुए हो जाते हैं।

- दांतों के बीच में रिक्तता की वजह से भाषा अस्पष्ट हो सकती है।

- ऊपर के दांत बाहर होने की वजह से चोट लगने का ज्यादा अंदेशा रहता है।

- यदि अंगूठे की सफाई का ध्यान न रखा जाये तो यह पेट के संक्रमित रोग का कारण बन सकता है।

छुड़ाने के उपाय

- बच्चे को मानसिक रूप से तैयार करें। बच्चे को स्नेह और प्रेम का एहसास कराएं। 

- कई बार अंगूठा पीने की आदत, बाल पकड़ने व नाक रगड़ने के साथ होती है। यदि इन आदतों को बंद कर दिया जाए तो अंगूठा पीने की आदत अपने आप छूट जाती है।

- जिस दिन बच्चा अंगूठा न पिए तो उसको उपहार दें। 

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